नई दिल्ली, भारतीय कमोडिटी बाजार में आज लगातार चौथे दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेतों और स्थानीय स्तर पर मांग में कमी के चलते अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,44,861 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी के दाम भी लुढ़ककर 2,26,137 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं। लगातार जारी इस गिरावट के कारण बाजार में आम खरीदारों के लिए निवेश का एक अनुकूल अवसर बनता हुआ दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय तनाव का बाजार पर असर
सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरा दबाव बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावनाओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमतों में इस सप्ताह 1.3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि डॉलर की मजबूती और महंगाई की आशंकाएं मौजूदा समय में सोने की तेजी में एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
भविष्य की बाजार चाल और विशेषज्ञ राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की निरंतर खरीदारी इस धातु के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। चीन के पीपुल्स बैंक जैसी संस्थाओं की सक्रियता ने बाजार को एक आधार दिया है। हालांकि, एचएसबीसी के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 में सोने की औसत कीमत 4,560 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकती है। आने वाले समय में आर्थिक मोर्चे पर होने वाले बदलाव और वैश्विक अस्थिरता यह तय करेंगे कि बाजार की दिशा आगे क्या होगी।

