सीहोर में जमीन के करीब झूल रहे बिजली के तार, दो किसान हो चुके हैं हादसे का शिकार

सीहोर। जिले के बिलकिसगंज-चंदेरी मुख्य मार्ग सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में 11 केवी हाईटेंशन लाइन के झुके खंभे और जमीन के बेहद करीब झूलते बिजली के तार लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं. ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आवश्यक सुधार कार्य नहीं किए जा रहे हैं, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है.

ग्रामीणों का कहना है कि जिले के कई हिस्सों में 11 केवी बिजली लाइन के खंभे खतरनाक तरीके से झुक चुके हैं, जबकि कई स्थानों पर बिजली के तार सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे लटक रहे हैं। इससे खेतों में काम करने वाले किसानों, राहगीरों और मवेशियों के लिए लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. किसानों का आरोप है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण पहले भी गंभीर हादसे हो चुके हैं. पिछले वर्ष करंट लगने से एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद उसका सामान्य जीवन प्रभावित हुआ. वहीं इसी वर्ष किसान सतीश मेवाड़ा भी करंट की चपेट में आ गए. उनका भोपाल के अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. बिजली व्यवस्था को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है. क्षेत्र में कई बार धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम भी किए जा चुके हैं. किसानों ने चेतावनी दी है क्षतिग्रस्त बिजली लाइन और खंभों की तत्काल मरम्मत नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.

हर दर पर किसानों ने लगाई गुहार

किसान को न्याय दिलाने और झूलते तारों तथा क्षतिग्रस्त खंभों को बदलवाने की मांग को लेकर दर्जनों गांवों के ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं. इस संबंध में किसानों ने कलेक्टर और एसपी को दो बार ज्ञापन सौंपा है. इसके अलावा विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत की गई है. ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री निवास, ऊर्जा मंत्री के निवास तथा जिला प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के निवास पर अपनी मांग रखी. ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के निर्देशों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है. समय रहते झुके खंभों और झूलते तारों को नहीं बदला गया तो बड़ी जनहानि हो सकती है.

 

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