भुवनेश्वर, (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने गुरुवार को कहा कि देश का वैज्ञानिक भविष्य युवा शोधकर्ताओं के हाथों में है और उन्हें अपने सामने ‘सैकड़ों होमी भाभा’दिखाई दे रहे हैं।
श्री राधाकृष्णन ने आज यहां राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (निसार) के 15वें दीक्षांत समारोह में ग्रेजुएट छात्रों से राष्ट्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान और इनोवेशन का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। छात्रों की बड़ी क्षमता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “महान वैज्ञानिक होमी भाभा भले ही अब हमारे बीच न हों, लेकिन आज मुझे अपने सामने सैकड़ों होमी भाभा बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं।” उन्होंने वैज्ञानिक रिसर्च के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और टिकाऊ विकास में निसार के योगदान की सराहना की।
जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य से जुड़ी नयी चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि विज्ञान वैश्विक समस्याओं का सबसे टिकाऊ समाधान देता है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति की नींव है। उन्होंने ग्रेजुएट छात्रों से अपनी जिज्ञासा को बनाए रखने, पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को अपनाने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने ग्रेजुएट छात्रों से कहा कि वे अपनी एकेडमिक डिग्री के साथ-साथ समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान दुनिया की गंभीर चुनौतियों से निपटने का सबसे असरदार ज़रिया बना हुआ है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि ग्रेजुएट छात्र वैज्ञानिक रिसर्च और राष्ट्र-निर्माण को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभायेंगे। उन्होंने जोर दिया कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी एक समृद्ध राष्ट्र की नींव हैं। उन्होंने युवा शोधकर्ताओं से ज़मीनी स्तर की समस्याओं को हल करने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षण और रिसर्च में उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान हासिल करने पर निसार की प्रशंसा की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने निसार को एक अनोखा संस्थान बताया और कहा कि ओडिशा के लिए यह गर्व की बात है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अब उपराष्ट्रपति ने कम समय के अंतराल में इस कैंपस का दौरा किया है। उन्होंने इस बात पर भी खुशी ज़ाहिर की कि निसार में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित पढ़ने वाले छात्रों में महिलाओं की संख्या अब लगभग 40 प्रतिशत है।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में डिग्री हासिल करना ग्रेजुएट छात्रों के लिए जीवन भर की यादगार घटना रहेगी। उन्होंने कहा कि यह दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक सेवा की विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी अवसर है।
समारोह में परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजित कुमार मोहंती, निसार के निदेशक प्रो. हिरेंद्र नाथ घोष और संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य भी शामिल हुए।
