एवरेज बिल फिक्स की आड़ में चल रहा बिजली खपत पर गोलमाल

० रसूखदार विद्युत उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने का निकाला गया सुनियोजित तरीका

नवभारत न्यूज

सीधी 11 जनवरी। जिले में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के मैदानी अमले की सांठ-गांठ से विद्युत चोरी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। रसूखदार विद्युत उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के लिए एवरेज बिल फिक्स का नायाब तरीका अपनाकर खपत में भारी गोलमाल किया जा रहा है।

जानकारों के अनुसार सीधी जिले में कई दशकों से एवरेज फिक्स के नाम पर खास उपभोक्ताओं को विद्युत देयक भेजकर उन्हें लाभान्वित करने का गोरखधंधा चल रहा है। जिसके चलते कई हजार की हर महीने बिजली खपत करने वाले ऐसे उपभोक्ता एवरेज बिल से लाभान्वित होने के कारण 100-200 रूपए ही जमा करते हैं। जबकि इनके यहां 24 घंटे बिजली के उपकरण चलते हैं। यह सब विद्युत वितरण कम्पनी के विद्युत वितरण केन्द्र में पदस्थ अधिकारी एवं मैदानी अमले की सांठ-गांठ के चलते चल रहा है। बताया गया है कि एवरेज फिक्स कराने के एवज में भारी-भरकम सुविधा शुल्क वसूला जाता है। जेब गर्म होने के बाद संबंधित विद्युत कर्मचारी विद्युत का भारी उपयोग करने वाले रसूखदार उपभोक्ताओं को विद्युत देयक के नाम पर महज 100-200 रूपए का विद्युत देयक ही हर महीने भेजते हैं। एवरेज फिक्स का गोरखधंधा ग्रामीण अंचलों के साथ ही शहरी क्षेत्र में भी धड़ल्ले से चल रहा है। इसके पीछे संबंधित विद्युत कर्मचारी तर्क देते हैं कि विद्युत मीटर खराब हो जाने के कारण संबंधित उपभोक्ता की साल भर की विद्युत खपत के आधार पर मासिक एवरेज फिक्स कर दिया जाता है।

यह व्यवस्था हालांकि अस्थायी तौर पर विशेष परिस्थितियों में क्रियान्वित करने का नियम है। किन्तु विद्युत मण्डल के मैदानी अमले की सांठ-गांठ के चलते रसूखदार उपभोक्ता एक बार मासिक एवरेज फिक्स कराने के बाद सालों से इसका लाभ उठा रहे हैं। जबकि आम उपभोक्ता को एक-दो बल्व जलाने के बाद भी मीटर रीडिंग के आड़ में हजारों का विद्युत देयक हर महीने भेजा जाता है। शिकायत के बाद भी ऐसे उपभोक्ताओं की सुनवाई विद्युत वितरण केन्द्रों में नहीं होती। उधर जानकारों का कहना है कि फिक्स एवरेज का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं की पूरी तरह से मीटर रीडरों से सेटिंग होने के कारण उनके द्वारा इस तरह का खेल सुनियोजित तरीके से खेला जा रहा है।

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शहरी क्षेत्र में भी बनी मेहरबानी

मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के विद्युत वितरण केन्द्र सीधी शहर क्रमांक-1 एवं 2 में भी ऐसे खास उपभोक्ताओं की फेहरिस्त लंबी है जिन्हें फिक्स एवरेज बिल से लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण विद्युत सहकारी समिति सीधी के संविलियन के बाद बने विद्युत वितरण केन्द्र सीधी क्रमांक 2 में फिक्स एवरेज बिल से लाभान्वित होने वाले उपभोक्ताओं की संख्या तो कई सैकड़ा में है। ऐसे उपभोक्ताओं से हर महीने विद्युत रीडिंग के नाम पर विद्युत देयक वसूली के मामले में विद्युत मण्डल के संबंधित अधिकारी भी पूरी तरह से लापरवाह बने हुए हैं। जबकि जिला मुख्यालय में संचालित होने के कारण इन विद्युत वितरण केन्द्रों में विद्युत मीटरों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में साफ जाहिर होता है कि संबंधित विद्युत कर्मचारी जान-बूझकर कुछ चहेते उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने के खेल में शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि शहरी क्षेत्र में एवरेज बिल फिक्स हो जाने के बाद संबंधित उपभोक्ता विद्युत का बेतहासा उपयोग करते हैं। इनके यहां सिंगल फेस के पावर विद्युत उपकरणों का उपयोग भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। कई उपभोक्ता तो अपने घरों से दूसरे को भी बिजली बेचने में मशगूल हैं। यह सब जानकारी विद्युत मीटर रीडरों को होने के बाद भी उनके द्वारा हर महीने मिलने वाले सुविधा शुल्क के चलते पूरी तरह से खामोश हैं। इसके लिए बड़े अधिकारियों द्वारा भी मीटर खराब की झूठी रिपोर्ट को नजर अंदाज किया जा रहा है।

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इनका कहना है

विद्युत कम्पनी की योजना के तहत एक साल में जिले के सभी विद्युत मीटरों को बदलकर नया लगाया जाना है। वर्तमान में सीधी जिले में करीब एक लाख 30 हजार घरेलू विद्युत कनेक्शन हैें। आधे से ज्यादा घरेलू विद्युत कनेक्शन में लगे मीटर खराब पड़े हैं। डिमांड के अनुसार विद्युत मीटरों की सप्लाई न होने के कारण निश्चित ही काफी व्यवधान आ रहा है। सभी जेई को निर्देश दिये गये हैं कि वह अपने क्षेत्रों में विद्युत मीटरों की जांच करें और लोड परीक्षण करें।

पी.आर.तिवारी, अधीक्षण यंत्री सीधी

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