इंदौर: महिला आरक्षण के विरोध से कांगेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी की महिला विरोधी मानसिकता उजागर हो गई है. ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के विरोध से विपक्ष का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम लेकर आए हैं। महिलाओं को अधिकार देने का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को जनता और महिलाएं सबक जरूर सिखाएंगी।
यह बात नगरीय प्रशासन व संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही. मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा विरोध कर संसद में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को क्रियान्वित नहीं होने देना महिलाओं के अधिकारों का दमन है, व्यवहार से कांग्रेस व विपक्षी दलों ने एक विधेयक का नहीं महिलाओं को सशक्त बनाने और अधिकार देने का विरोध किया है. भाजपा कहती नहीं करते दिखाती है. मप्र के 17 जिलों में महिला अधिकारी कलेक्टर, 10 से अधिक जिलों में एसपी हैं. एक जिले में कलेक्टर, एसपी से लेकर अन्य अधिकारी भी महिलाएं हैं. भाजपा प्रदेशभर में जन-जन को बताएगी कि किसने महिलाओं को अधिकार नहीं मिलने दिया. इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक, संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, आदि ने पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया. इस अवसर पर संभाग प्रभारी रणवीर सिंह रावत, प्रदेश सहमीडिया प्रभारी आलोक दुबे, जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, अंजू माखीजा, प्रदेश महिला मोर्चा कोषाध्यक्ष सुश्री निधी बंग, वरूण पाल, नितीन शर्मा, रितेश शर्मा आदि उपस्थित थे.
महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहते
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम के सभी बिंदुओं पर विस्तार से संसद में जानकारी दी विपक्षी की सभी शंकाओं, आशंकाओं का समाधान किया. प्रधानमंत्री जी ने तो यहां तक कहा कि अधिनियम का श्रेय उनकी सरकार को नहीं चाहिए.लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिलाओं को सशक्त नहीं बनने देना चाहती इसलिए नारी शक्ति वंदन को पारित नहीं होने दिया, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने जिस प्रकार से लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम का विरोध किया है, उससे स्पष्ट हो गया है कि विपक्ष पहले ही मन बना चुका था कि महिलाओं को अधिकार न मिलने पाए, इसलिए संसद में विरोध किया
