
सिंगरौली । विकास के दावों के बीच जिले के ग्राम अकेलवाडाड़ (पोस्ट तियरा) के ग्रामीण आज भी मूलभूत सड़क सुविधा से वंचित हैं। गांव को पक्की संपर्क सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं रिलायंस द्वारा निर्मित मुख्य सड़क को बने लगभग 13 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन इन सड़कों से अकेलवाडाड़ गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क का निर्माण आज तक नहीं हो सका। इसके कारण ग्रामीणों को हर मौसम में परेशानी झेलनी पड़ती है, जबकि बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। ज्ञापन में बताया गया है कि बारिश के दौरान कच्चा मार्ग पूरी तरह कीचड़ और जलभराव से भर जाता है। इससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और मरीजों, गर्भवती महिलाओं तथा बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कत आती है। कई बार एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में अतिरिक्त समय और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जबकि दैनिक आवागमन भी जोखिम भरा बना रहता है। इस समय बारिश का मौसम शुरू हो गया है, गांव के बच्चे इसी मार्ग से विद्यालय जाते हैं, आवागमन की सुविधा है, सड़क की जुताई कर दी गई है। ऐसे में आम जनता काफी परेशान है। यहां तक कि सरपंच पति जनसुनवाई में अधिकारियों के सामने नतमस्तक हो गये हैं कि साहब किसी तरह आमजनता के लिए अवरूद्ध रास्ता तत्काल खोला जाए, ताकि आम जनता को इस बारिश के मौसम में परेशान न होना पड़े।
कराई जाए निष्पक्ष जांच
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा कराए गए सड़क सुधार कार्य को कुछ लोगों ने जुताई कर क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे मार्ग दोबारा खराब हो गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क और रिलायंस सड़क से अकेलवाडाड़ तक पक्की संपर्क सड़क का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही निर्माण कार्य की समय-सीमा सार्वजनिक की जाए तथा सड़क बनने तक वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
