नयी दिल्ली, 07 जुलाई (वार्ता) घरेलू विमान सेवा कंपनियों की उड़ानों में यात्रियों की संख्या मई में नौ प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 1.53 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में घरेलू एयरलाइंस की उड़ानों में एक करोड़ 53 लाख 90 हजार यात्रियों ने सफर किया। यह संख्या पिछले साल मई की तुलना में 9.49 फीसदी अधिक है।
यह अब तक किसी एक महीने में यात्रियों की सबसे अधिक संख्या है। इससे पहले जनवरी में एक करोड़ 52 लाख 49 हजार लोगों ने हवाई यात्रा की थी।
मौजूदा कैलेंडर वर्ष के पहले पांच महीने में जनवरी से मई तक कुल यात्रियों की संख्या 1.91 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सात करोड़ 29 लाख 40 हजार हो गयी है। पश्चिम एशिया संकट के बीच मार्च और अप्रैल के कमजोर आंकड़ों के कारण यह वृद्धि दर कम रही है। आंकड़ों के मुताबिक, यात्री संख्या के लिहाज से मई में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 65 प्रतिशत से घटकर 64.9 प्रतिशत रह गयी। एयर इंडिया समूह (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) की बाजार हिस्सेदारी 24.7 प्रतिशत से बढ़कर 25.6 प्रतिशत पर पहुंच गयी। स्पाइसजेट को हुए नुकसान का फायदा एयर इंडिया समूह को मिला है। स्पाइसजेट की हिस्सेदारी 3.4 फीसदी से घटकर 2.5 फीसदी रह गयी। अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत पर स्थिर रही।
भरी सीटों के साथ उड़ान भरने के मामले में अकासा एयर एक बार फिर पहले स्थान पर रही। उसकी भरी सीटों का अनुपात (पीएलएफ) 92.5 प्रतिशत रहा। स्पाइसजेट का पीएलएफ 87.4 प्रतिशत, इंडिगो का 86.4 प्रतिशत और एयर इंडिया समूह का 83.5 प्रतिशत रहा।
देश के 10 बड़े हवाई अड्डों से समय पर उड़ान भरने के मामले में इंडिगो पहले स्थान पर रही। उसकी 82.8 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं। अकासा एयर 78.3 प्रतिशत के साथ दूसरे और एयर इंडिया समूह 74.5 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। अलायंस एयर की 705 प्रतिशत उड़ानें समय पर रवाना हुईं, जबकि 26.5 प्रतिशत के साथ स्पाइसजेट का प्रदर्शन बेहद खराब रहा।
इन 10 बड़े हवाई अड्डों में बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी और लखनऊ शामिल हैं।
