इंदौर:आज रसोई गैस की किल्लत, कालाबाजारी और औद्योगिक उत्पादन से आर्थिक संकट गहरा गया है. केंद्र सरकार के बार-बार स्पष्टीकरणों के बावजूद जमीनी हकीकत यह है कि देश और प्रदेश में रसोई गैस की भारी किल्लत और कालाबाजारी हो रही है. स्थित यह है कि विजयपुर राधौगढ़ के नेशनल फार्टिलाइजर में गैस अभाव के कारण यूरिया उत्पादन बाधित हो रहा है.
यह बात पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कही. गैस को लेकर वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकारें दावा कुछ ओर कर रही, लेकिन हकीकत में जनता परेशान है.
उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में स्थिति चिंताजनक हैं. दिल्ली हाई कोर्ट की कैंटीन में भोजन व्यवस्था बंद करना पड़ी है, अयोध्या में निःशुल्क भोजन कराने वाली राम रसोई बंद हो गई है. उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े लोगों की मौत तक की खबरें सामने आ रही है. प्रदेश में 70 प्रतिशत होटल-रेस्तरां बंद होने की कगार पर है. व्यावसायिक गैस सिलेंडर 5,000 रुपए में बेचे जा रहे हैं, जो खुलेआम कालाबाजारी का प्रमाण है.
यूरिया उत्पादन बाधित हुआ
पूर्व मंत्री वर्मा ने कहा कि गुना के विजयपुर (राघौगढ़) के नेशनल फर्टिलाइजर्स संयंत्र भी गैस की कमी से यूरिया उत्पादन बाधित हो गया है. गैस संकट के कारण असर पेट्रोकेमिकल, सिरेमिक, उर्वरक, बिजली उत्पादन सहित आवश्यक वस्तुओं की कमी होगी और वस्तुओ की कीमत बढ़ेगी. सज्जन वर्मा के साथ कांग्रेस नेता राजेश चौकसे, गिरधर नागर, अमित चौरसिया ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रदेश में उत्पन्न गैस संकट को राष्ट्रीय आपदा की तरह गंभीरता से तत्काल आपात व्यवस्था लागू की जाए. जनता को इस संकट से राहत मिल सके.
