
सीधी। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्त वर्ष 2026-27 के लिये केन्द्रीय बजट पेश किया। बजट 2026 में सरकार ने एक तरफ मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और ग्रीन एनर्जी को राहत दी है तो दूसरी तरफ शेयर बाजार से जुड़े निवेश और कुछ गतिविधियों को महंगा किया है। सत्ता पक्ष ने जहां बजट को सराहा वहीं विपक्ष ने इसे आम लोगों के खिलाफ बताया।
केन्द्रीय बजट को लेकर सत्ता पक्ष एवं उसके समर्थकों द्वारा काफी सराहना करते हुये इसे सुपर बजट बताया। वहीं विपक्षी दलों के लोगों ने इसे लोक लुभावना बताते हुये कहा कि इससे आम आदमी को कोई लाभ नहीं होगा। केन्द्र सरकार द्वारा काफी चतुराई के साथ महंगाई का बोझा आम जनता पर डालने का प्रयास किया गया है।
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गरीब, महिला व युवाओं के हित का बजट: डॉ.राजेश
देश की संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केन्द्रीय बजट प्रस्तुत होने के बाद सीधी-सिंगरौली के सांसद डॉ.राजेश मिश्र ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे गांव, गरीब, मजदूर, किसान, महिला और युवाओं के हित में ऐतिहासिक बजट बताया। सांसद ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार प्रस्तुत किया गया है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार चिकित्सा क्षेत्र में इतने व्यापक प्रावधान किए गए हैं। सांसद ने बताया कि बजट के माध्यम से एक लाख से अधिक उच्च प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवर तैयार किए जाएंगे, जिनमें एनेस्थीसिया, नेत्र चिकित्सा, मनोविज्ञान सहित अन्य विशिष्ट सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।
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जनहितैषी और रोजगार को बढ़ाने वाला बजट: देव कुमार
भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने केन्द्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार मे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट जन हितैषी, उद्योग एवं रोजगार को बढ़ावा देने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर करने वाला बजट है। कुल मिलाकर समाज के सभी वर्गों के लिए यह बजट लाभकारी है।
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सभी वर्ग को समर्पित है बजट: रीती
केन्द्रीय बजट 2025-26 पर सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने कहा कि देश के मध्यम वर्ग, किसान, युवा, महिला और गरीब कल्याण को समर्पित एक दूरदर्शी एवं विकासोन्मुखी बजट है। इस बजट में 12 लाख रूपये तक की आय को कर-मुक्त कर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है जिससे आम परिवारों की आर्थिक मजबूती बढ़ेगी और उपभोग क्षमता में इज़ाफा होगा। कृषि क्षेत्र के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाना, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन तथा ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान, किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह बजट सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास की भावना को साकार करता है।
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जीवन रक्षक दवाइयां होगी सस्ती: डॉ.ऋचा तिवारी
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ.ऋचा तिवारी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि पेश किए गए बजट में जीवन रक्षक दवाइयां सस्ती होगी। जिसके कारण समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ होगा।
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भारत को आत्मनिर्भर बनाने महत्वपूर्ण कदम: कमल
उद्योगपति कमल कामदार ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट में किसानों की आय बढ़ाने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बजट में काजू और कोको के उत्पादन व प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यंक्रम की घोषणा की गई है ताकि आने वाले वर्षों में आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। यह किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
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बजट में मध्यप्रदेश के लोगों को मिला झुनझुना: कमलेश्वर
केन्द्रीय बजट को लेकर सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट मध्य प्रदेश के साथ एक बार फिर अन्याय और उपेक्षा का दस्तावेज साबित हुआ है। पूरे देश ने उम्मीद के साथ बजट को सुनाए लेकिन मध्य प्रदेश के हिस्से में इस बार भी निराशा ही आई। म.प्र. ने भाजपा को दो तिहाई बहुमत की सरकार दी, लोकसभा चुनाव में 29 में से 29 सांसद जिताकर दिल्ली भेजे, लेकिन आज जब देश का बजट सामने आया तो उसी म.प्र. का नाम कहीं भी प्राथमिकता से नहीं लिया गया। विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। सरकार ने बड़े-बड़े आंकड़े जरूर पेश किए लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि म.प्र. के किसान, मजदूर और युवा को इससे सीधा क्या लाभ मिलेगा। कमलेश्वर पटेल ने कहा कि सरकार टैक्स में राज्यों को मिलने वाले हिस्से को अपनी उपलब्धि बताकर पेश कर रही है जबकि यह संविधान द्वारा राज्यों को दिया गया अधिकार है कोई एहसान नहीं। उन्होंने कहा कि आज का बजट अमृतकाल का बजट नहीं बल्कि कला बजट है जिसमें म.प्र. के लोगों के हाथ सिर्फ झुनझुना लगा है। म.प्र. ने भरोसा दिया, बहुमत दिया और सांसद दिए लेकिन बदले में उसे सिर्फ निराशा मिली है। इन उम्मीदों को नजरअंदाज करना अब किसी भी सरकार के लिए आसान नहीं होगा।
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बजट राजनीतिक और नीतिगत रूप से पूरी तरह दिशाहीन: ज्ञान
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट को निराशाजनक, अस्पष्ट और आम जनता की ज़रूरतों से पूरी तरह कटा हुआ बजट बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का यह बजट राजनीतिक और नीतिगत रूप से पूरी तरह दिशाहीन है। इसमें आम नागरिक, युवा, किसान और श्रमिक वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है।
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