
शिवपुरी। जिले में जनगणना 2027 के कार्य को लेकर प्रशासन सतर्क मोड में दिखाई दे रहा है। राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में बेचैनी फ़ेल गई है। तहसीलदार और नगर पालिका अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि संबंधित कर्मचारियों ने जनगणना सामग्री लेने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, सूचना दिए जाने के बावजूद कई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल नोटिस जारी किए हैं।
जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है उनमें रितु मिश्रा, देवेन्द्र शर्मा, मनोरमा धाकड़, किशोर कुमार भगत, सुरेन्द्र कुमार तिवारी, मधुमती कुशमी, देवेन्द्र राठौर, राहुल देव राजौरिया, नवल किशोर भार्गव, बलवीर सिंह जादौन, वीरेन्द्र राजे और प्रवीण दुबे शामिल हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा है कि जनगणना जैसा राष्ट्रीय दायित्व किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए। सभी प्रगणक और सुपरवाइजर समय पर अपने कार्यस्थल पर पहुंचें और निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेशों की अनदेखी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब जनगणना अमले में खलबली मच गई है और कर्मचारियों के बीच जवाबदेही का दबाव साफ दिखाई देने लगा है।
