नयी दिल्ली, 07 जुलाई (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के दौरान शुरू की गयी आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत अबतक कुल 1.55 लाख करोड़ रुपये की राशि पर 4.11 लाख गारंटी दी जा चुकी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और अन्य उद्योगों के लिए पूंजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 05 मई को इस योजना को मंजूरी प्रदान की थी। इसके तहत प्रभावित व्यवसायों को त्वरित रूप से व्यापक स्तर पर नकदी सहायता प्रदान की जा रही है।
योजना ऋण देने वाली संस्थाओं के लिए जोखिम घटाने और ऋण लेने वालों को अतिरिक्त ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से बनायी गयी है। इस योजना में एमएसएमई के अतिरिक्त ऋणों पर 100 प्रतिशत और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों पर 90 प्रतिशत की गारंटी प्रदान करके वित्तीय संस्थानों को अधिक आत्मविश्वास के साथ ऋण देने में सक्षम बनाया गया है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि योजना के शुभारंभ के बाद से ईसीएलजीएस 5.0 के अंतर्गत 4,11,497 गारंटी जारी की गयी है जिसमें गारंटीकृत राशि 1,55,229 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी है। इनमें से 98 प्रतिशत गारंटी एमएसएमई को जारी की गयी है। राशि के आधार पर एमएसएमई की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत है।
मंत्रालय ने बताया कि ईसीएलजीएस 5.0 के परिणाम सामर्थ्यवान और उत्तरदायी ऋण प्रणाली के निर्माण के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उम्मीद है कि विकास और विस्तार के साथ यह योजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों सहित व्यवसायों के लिए नकदी संबंधी सहायता को और सुदृढ़ करेगी तथा उद्यमियों को बाहरी चुनौतियों के समय अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनायेगी।

