
रीवा, मऊगंज जिले में हुई नशे के विरूद्ध अब तक की सबसे बडी कार्यवाही का पुलिस ने आज खुलासा कर दिया है।
मऊगंज एसपी के मुताबिक रीवा जोन आईजी गौरव राजपूत को मिले इनपुट के आधार पर अवैध मादक पदार्थ के रूप में एमडी डग्स बनाने की वाले गिरोह के साथ पूरी की पूरी फ़ैक्ट्री का भंडाफोड हुआ है।
आईजी के ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस नें इस अवैध फैक्ट्री में छापेमार कार्यवाही करते हुये मौके से 1 करोड 28 लाख कीमती 360 ग्राम एमडी डग्स के साथ उसके निर्माण में प्रयुक्त 300 लीटर से अधिक विभिन्न रासायनिक पदार्थ सहित कच्चा माल और निर्माण में प्रयुक्त विभिन्न उपकरण जिसमें ओवन मशीन, जनरेटर, वैक्यूम पंप, हीटर मोटर, मोेटर कंटोलर, तापमान मापक यंत्र तथा विभिन्न क्षमता के कांच के फलास्क शामिल है।
पुलिस के मुताबिक डग्स बनाने और बिक्री में शामिल चार आरोपियों को भी पकडा गया है, जिसमें चंदन सिंह निवासी ग्राम सोनवर्षा थाना गढ जिला रीवा, अशोक गुप्ता निवासी वार्ड 12 लालगांव थाना गढ जिला रीवा, पीकचन्द्र यादव पिता रोशनलाल यादव निवासी ग्राम सोनवर्षा थाना गढ और रिषभ सेन निवासी सुकुलगवां थाना गोविंदगढ शामिल है।
पुलिस नें बताया कि पकड़ी गई इस गैंग का सरगना पहले मुम्बई में कैमिकल बनाने की फैक्ट्री में काम करता था, जहां से उसने डग्स बनाने का तरीका सीखा और अपने साथी के साथ मुम्बई में ड्राग्स बनाकर सप्लाई का काम करने लगा था।
हालाकि मुम्बई में पुलिस की कार्यवाही में साथी के पकडे जाने के बाद आरोपी भागकर अपने गांव आया और अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसने मऊगंज के शाहपुर थाना क्षेत्र में एक मकान किराए पर लेकर ड्रग्स बनाकर उसे मुम्बई में सप्लाई करने लगा।
फिलहाल पुलिस नें एक साथ पूरी गैंग को पकड लिया है और अब इस ड्रैग्स फैक्टी से जुडी चेन का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
वहीं शाहपुर थाने मे आरोपियों के विरूद्ध एनडीपीएस एक्ट का अपराध पंजीबदध कर कार्यवाही की जा रही है।
बता दें कि इस पूरे मामला का खुलासा मउगंज एसपी सुरेद्र कुमार जैन नें किया है जिन्होंने पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है।
वहीं मध्यप्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी कैलाश् मकावना नें कार्यवाही टीम की सराहना की है और रीवा जोन आईजी गौरव राजपूत नें टीम को पुरस्क्रत करने की बात कही है।
