बेंगलुरु, इंफोसिस के को-फाउंडर क्रिस गोपालकृष्णन ने बेंगलुरु के ट्रैफिक की दयनीय स्थिति पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्हें महज 31 किलोमीटर की दूरी तय करने में ढाई घंटे का लंबा समय लगा। उन्होंने इस समस्या के पीछे भारी भीड़, सड़कों की बदहाली और यातायात नियमों के प्रति अनुशासन की कमी को मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।
आम जनता और प्रोफेशनल्स का दर्द
गोपालकृष्णन की पोस्ट पर बेंगलुरु के लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई उपयोगकर्ताओं ने साझा किया कि यह शहर की रोजमर्रा की सच्चाई है, जहां लोग ट्रैफिक जाम में घंटों फंसे रहते हैं। लोगों ने रिमोट वर्किंग की वकालत करते हुए कहा कि जब तक बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार नहीं होता, तब तक वर्क-फ्रॉम-होम ही इस भीड़ को कम करने का एकमात्र व्यावहारिक विकल्प नजर आता है।
सुधार और समाधान की मांग
बहस के दौरान जनता ने सरकार और इंडस्ट्री लीडर्स से अपील की है कि वे आउटर रिंग रोड और अन्य प्रमुख मार्गों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए सक्रिय कदम उठाएं। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने और मेट्रो जैसे पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। यह पोस्ट स्पष्ट करती है कि तकनीकी राजधानी बेंगलुरु की मोबिलिटी चुनौतियां अब चरम पर पहुंच चुकी हैं, जिसे हल करने के लिए तत्काल ठोस रणनीति की आवश्यकता है।

