
जबलपुर। हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने वेतनमान का लाभ, वेतन निर्धारण व पेंशन पुनरीक्षण की मांग संबंधी याचिका का निराकरण करते हुए संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के लंबित अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि न्यायालय ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी रमाकांत पांडेय की ओर से कहा गया कि तीन मार्च 2025 को प्रस्तुत अभ्यावेदन पर अब तक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने वित्त विभाग के पांच सितंबर 2020 के परिपत्र के अनुसार चौथे समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान कर वेतन निर्धारण तथा पेंशन का पुनरीक्षण किए जाने की मांग की। वहीं राज्य शासन की ओर से न्यायालय को अवगत कराया कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विधि व लागू नियमों के अनुरूप विचार कर निर्णय लिया जाएगा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने संबंधित प्राधिकारियों को निर्देशित किया कि आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर लंबित अभ्यावेदन पर वित्त विभाग के पांच सितंबर 2020 के परिपत्र के आलोक में विधिसम्मत निर्णय लिया जाए।
