
सीहोर/ आष्टा। आष्टा ब्लॉक में शुक्रवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. पार्वती, पपनास और नेवज नदियों के उफान पर आने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं. घरों में पानी घुसने, खेतों के तालाब में तब्दील होने और पुल-पुलियों पर तेज बहाव के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले मार्गों से दूर रहने और केवल सुरक्षित रास्तों का उपयोग करने की अपील की है.
आष्टा ब्लॉक में लगातार हो रही तेज बारिश ने ग्रामीण इलाकों की रफ्तार थाम दी है. पार्वती, पपनास और नेवज नदियों के उफान पर होने से खाचरोद, मेहतवाड़ा, मैना, कोठरी, भंवरा, बागैर, सिंगारचोरी, हराजखेड़ी, ढकनी और मुगली सहित कई गांवों में जलभराव की स्थिति बन गई. कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, अनाज और जरूरी सामग्री खराब हो गई, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा. लगातार बारिश का असर खेती पर भी दिखाई देने लगा है. बड़घाटी रामापुरा सहित कई क्षेत्रों के खेत पानी में डूब गए हैं। खेत तालाब जैसे नजर आ रहे हैं. सोयाबीन की फसल जलमग्न हो गई है. किसानों को आशंका है कि यदि जल्द पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
बारिश के ताजा आंकड़ों के अनुसार आष्टा में सर्वाधिक 2.05 इंच वर्षा दर्ज की गई है. जावर में 1.89 इंच, इछावर में 1.77 इंच, जबकि जिले में औसतन 1.50 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है. एक जून से अब तक जिले में औसत वर्षा 10.6& इंच पहुंच चुकी है. कुल वर्षा के मामले में आष्टा तहसील 15.47 इंच के साथ जिले में सबसे आगे है. इसके बाद भैरूंदा में 14.01 इंच, इछावर 12.40 इंच, जावर 11.68 इंच, सीहोर 9.01 इंच, रेहटी 8.55 इंच, बुधनी 8.&8 इंच और श्यामपुर 5.54 इंच वर्षा दर्ज की गई है.
बापचा के दो मासूमों की खदान में डूबने से मौत
आष्टा क्षेत्र के बापचा क्षेत्र से शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई. ग्राम बागेर स्थित मुरम की खदान में नहाने गए दो 12 वर्षीय ब’चों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई. हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।. जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कान्हा पिता संतोष 12 वर्ष तथा समर पिता जितेंद्र12 वर्ष निवासी बापचा दोनिया के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों ब’चे अन्य साथियों के साथ खदान में नहाने गए थे. इसी दौरान वे गहराई में चले गए और पानी से बाहर नहीं निकल सके. सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ब’चों को बाहर निकालकर तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.
कई सड़क मार्ग बंद, दर्जन भर गांवों का संपर्क टूटा
बारिश के चलते ढाकनी-मुगली मार्ग पर पपनास नदी के पुल पर तेज बहाव बना हुआ है. इसके अलावा सेमनरी रोड-जगन्नाथपुरा पुलिया, कन्नौद-मिर्जी तथा दुपाडिय़ा मार्ग भी जलमग्न हो गए हैं. पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण करीब एक दर्जन गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है. ग्राम बापचा और भंवरा से सामने आए वीडियो में बारिश का विकराल रूप साफ दिखाई दे रहा है. सड़कें पानी में डूबी हैं, पुलियों के ऊपर से तेज बहाव गुजर रहा है और कई स्थानों पर ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.
मुगली में खुली जल निकासी व्यवस्था की पोल
मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुगली में महज दो घंटे की बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी. कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया। ग्रामीण अकेसिंह ने बताया खाट, अनाज की कोठियां, कपड़े और रसोई का सामान पानी में डूब गया. जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से घरों में भर गया और लोगों को रातभर सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी.
नदी- नालों के मुहानों पर बेरीकेटिंग
कलेक्टर बालागुरु के. ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में जलभराव वाले पुल, पुलिया या तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का प्रयास न करें. संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल और कोटवारों की तैनाती की गई है. ढाकनी- मुगली मार्ग पर पपनास नदी स्थित पुल पर पानी का बहाव बना हुआ है. जिला प्रशासन द्वारा दोनों ओर कोटवार एवं पुलिस दल की तैनाती की गई है, ताकि आवागमन पर सतत निगरानी रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. नागरिक केवल सुरक्षित एवं वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें.
