
नयी दिल्ली, 4 जुलाई (वार्ता) वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को फ्रांस के दक्षिणी क्षेत्र कादाराश में परमाणु ऊर्जा अनुसंधान पर केंद्रित महत्वाकांक्षी अंतराष्ट्रीय परियोजना – इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर एक्सपेरिमेंटल रिएक्टर (आईटीईआर) का दौरा किया जो भारत सहित विभिन्न देशों के सहयोग से विकसित की जा रही है ।
यह जानकारी वित्त मंत्रालय से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दी।
वित्त मंत्री के समक्ष वहां इस उस परियोजना में भारत के योगदान पर एक प्रस्तुति दी गयी। यह प्रस्तुति वहां कार्यरत एलेन बेकूले और कट्टालाई रामचंद्रन श्रीराम ने दी। उसके बाद उन्होंने गाइड के साथ आईटीईआर परिसर का दौरा किया। उन्होंने रिएक्टर के क्लीनिंग हॉल, असेंबली हॉल और टोकामाक पिट का अवलोकन किया तथा वहां की विभिन्न सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
वित्त मंत्री ने आईटीईआर परियोजना में कार्यरत वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की समर्पित भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया की यह सबसे महत्वाकांक्षी परमाणु ‘संलयन’ ऊर्जा परियोजनाओं में से एक है और भविष्य के लिए स्वच्छ, परिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ एवं लगभग असीमित ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्रीमती सीतारमण ने पिछले दो दशकों से इस परियोजना में योगदान दे रहे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, सहयोगियों तथा एलएंडटी , इनॉक्स इंडिया , टीसीएस, टीसीई , एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ सहित अन्य प्रमुख भारतीय उद्योगों के उत्कृष्ट कार्य की भी सराहना की।
आईटीईआर’ एक विशाल अंतरराष्ट्रीय सहयोग परियोजना है, जिसका उद्देश्य दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोगिक टोकामाक परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूज़न) रिएक्टर विकसित करना है। इस परियोजना में भारत सहित सात प्रमुख सदस्य देश शामिल हैं, जबकि कई अन्य देशों के साथ भी सहयोग समझौते किए गए हैं।
