तेहरान, यूरोप में पड़ रही जानलेवा गर्मी के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक दांव चला है। तुर्किये स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से यूरोपीय देशों को प्रस्ताव दिया है कि यदि वे ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को हटा लेते हैं, तो ईरान उन्हें बड़ी संख्या में उन्नत एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरण निर्यात करने के लिए तैयार है। ईरान का दावा है कि उनकी स्वदेशी तकनीक से निर्मित ये उपकरण भीषण गर्मी से निपटने में प्रभावी साबित हो सकते हैं और लोगों की जान बचाने में मदद कर सकते हैं।
हीटवेव से चरमराया यूरोप का जनजीवन
यूरोप के कई देशों में तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसके कारण वहां का बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जर्मनी, फ्रांस, पोलैंड और चेक गणराज्य जैसे देशों में परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है और हीट डोम (Heat Dome) के प्रभाव से स्थिति और अधिक गंभीर बनी हुई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह भीषण गर्मी पिछले दशकों के सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है, जिससे अब तक लगभग 1,000 से अधिक लोगों की जान जाने की दुखद खबरें सामने आई हैं।
तकनीकी क्षमता और मानवीय चिंता
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वर्षों के कड़े प्रतिबंधों के बावजूद उन्होंने अपनी स्वदेशी तकनीक और विशेषज्ञता के दम पर उच्च क्षमता वाले कूलिंग सिस्टम विकसित किए हैं। दूतावास ने इस पेशकश को एक ‘दोस्ताना सलाह’ करार देते हुए कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है, जिसके लिए यूरोप को अपने नीतिगत रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। फिलहाल, यूरोपीय देशों की ओर से इस ऑफर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह प्रस्ताव चर्चा का विषय बना हुआ है।

