
भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि अब शिक्षकों की भर्ती केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा के अंकों के आधार पर की जाए। इस प्रस्ताव को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
नई व्यवस्था लागू होने पर अलग से चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। केवल पात्रता परीक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर भर्ती की जाएगी। टीईटी के अंक आजीवन मान्य रहेंगे, हालांकि उम्मीदवार चाहें तो अपने अंक सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
अभी तक राज्य में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए दो चरणों की परीक्षा प्रक्रिया लागू थी। पहले पात्रता परीक्षा पास करनी होती थी और उसके बाद चयन परीक्षा देनी पड़ती थी। इस व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को दो बार आवेदन और अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती थी।
प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी भी इस बदलाव का बड़ा कारण है। स्कूलों में करीब एक लाख पद रिक्त हैं। जबकि 1,895 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 29 हजार से अधिक स्कूलों में केवल एक या दो शिक्षक ही कार्यरत हैं। विभाग के अनुसार इस वर्ष करीब 30 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी है, जिनमें से लगभग 5 हजार पदों पर प्रक्रिया जुलाई-अगस्त में शुरू हो सकती है।
