नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत का खाद्य और कृषि क्षेत्र एक नये वैश्विक युग में प्रवेश कर चुका है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का वार्षिक निर्यात अब पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, और यह दुनिया के अग्रणी निर्यातकों के रूप में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। श्री गोयल बुधवार को यहां भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय खाद्य और आतिथ्य मेले ‘आहार 2026’ के 40वें आयोजन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस ऐतिहासिक आयोजन में इटली ‘कंट्री पार्टनर’ के रूप में शामिल हुआ है। श्री गोयल ने कहा कि यूएई, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के साथ हुए हालिया व्यापार समझौतों ने वैश्विक बाजार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक भारतीय उत्पादों की पहुंच आसान बना दी है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन, ओमान और यूरोपीय संघ जैसे भागीदारों के साथ चल रही चर्चाओं से किसानों और एमएसएमई के लिए उच्च मूल्य वाले बाजारों के नए द्वार खुल रहे हैं। पिछले दशक में विशेष रूप से फलों, सब्जियों, दालों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव और कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अध्यक्ष अभिषेक देव ने एपीडा पवेलियन का उद्घाटन किया। करीब 2,500 वर्ग मीटर में फैले इस मंडप में 18 राज्यों के 100 से अधिक प्रदर्शक अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर काजू, अनानास, अनार और ककड़ी पर महत्वपूर्ण शोध रिपोर्ट जारी की गई, जो वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए रणनीतिक अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं। मंडप में बासमती चावल और जैविक उत्पादों के साथ-साथ उभरते हुए ‘प्लांट-बेस्ड’ (पौधों पर आधारित) खाद्य पदार्थों पर विशेष जोर दिया गया है। निर्यात क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से एपीडा ने भारतीय पैकेजिंग संस्थान के साथ मिलकर विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए नए पैकेजिंग डिजाइन और तकनीकी मानकों की घोषणा की है। यह पहल विशेष रूप से असम के कार्बी आंगलोंग अदरक और काजी नेमू, महाराष्ट्र के जलगांव केला और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज सुर्खा अमरूद जैसे जीआई-टैग उत्पादों पर केंद्रित है। इन नए मानकों से उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी प्रस्तुति में सुधार होगा। पांच दिवसीय इस मेले में एक लाख से अधिक आगंतुकों के पहुंचने की संभावना है।

