ग्वालियर: श्रावण के अंतिम सोमवार पर आज अचलेश्वर महादेव मंदिर में बाबा महाकाल की आरती की गई।बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध ,दही ,घी ,शहद व फलो के रसो से अभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद चन्दन से भोलेनाथ का आकर्षक श्रंगार किया गया। श्रावण मास का चौथा व अंतिम सोमवार होने के कारण आज सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तो का ताँता लगा है।
अचलेश्वर मन्दिर में दर्शन हेतु श्रद्धालु देर रात से ही कतार में लगे हुए हैं। रात्रि में मंदिर के पट खोले गए । इसके बाद सुबह बाबा की आरती शुरू हुई। जिसके हजारो श्रधालुओ ने दर्शन लाभ लिए। श्रावण मास भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय माह माना गया है। मान्यता है की श्रावण माह में शिव आराधना करने से सभी कष्टो से तुरन्त मुक्ति मिलती है। बाबा को जल से नहलाकर महा पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमे दूध दही, घी ,शहद व फलो के रसो से अभिषेक हुआ। अभिषेक के बाद चन्दन से भोलेनाथ का आकर्षक श्रंगार किया गया और भगवान को वस्त्र धारण कराये गए। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े व शंखनाद के साथ बाबा की आरती की गई। बाबा अचलेश्वर के दरबार में सुबह से ही उत्साह और आनंद का माहोल है।
