शोभापुर:वीर सपूत शहीद दिनेश सिंह पुरबिया ने 23 वर्ष पूर्व देश की रक्षा करते हुए रामबन में वीरगति प्राप्त की थी। ऑपरेशन पराक्रम के तहत तैनात दिनेश छुट्टियों के बाद ड्यूटी लौटते समय शहीद हुए थे। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए थे और उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई थी। परंतु दुख की बात है कि आज भी उनका स्मारक सिर्फ एक साधारण चबूतरे तक सीमित है।
न तो उसकी देखरेख होती है, न ही वह किसी सम्मान का प्रतीक बन पाया है। युवाओं ने इसे अपमानजनक बताते हुए प्रशासन से स्मारक का पुनर्निर्माण, साफ-सफाई और शहीद को यथोचित सम्मान देने की मांग की है। इसके लिए एक वाहन रैली निकालकर ज्ञापन सौंपने की रणनीति बनाई गई है। युवाओं का कहना है कि देश की खातिर जान देने वाले सपूत को उचित सम्मान मिलना ही चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिल सके।
