
भोपाल।उपनगर बैरागढ़ के सिविल अस्पताल में सीएमएचओं कार्यालय के जांच दल ने मॉकड्रिल की कार्रवाई की. यह कार्रवाई शुक्रवार की रात लगभग 12 बजे की गई. इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक चिकित्सा व्यवस्था की जांच करना था. वहीं इस गोपनीय मॉकड्रील की जानकारी किसाी का ना बताने की सीएमएचओ ने जांच दल को दी थी. जिससे अस्पताल प्रबंधन के किसी भी स्टॉफ को इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लगी. अस्पताल में सभी मौजूद कर्मचारियों को लगा कि कोई गंभीर मरीज अस्पताल मे उपचार के लिए आने वाला है.सीएमएचओ दल ने अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों को बताया कि एक गंभीर हाईरिस्क गर्भवती महिला अस्पताल लाई जा रही है जिसे तुरंत ऑपरेट किया जाना जरूरी है. उसके बाद सभी कर्मचारी और डॉक्टर उपचार की व्यवस्था में जुट गए. इसके लिए उन्होंने आपरेशन थियेटर में आवश्यक उपकरण दवाई वगैराह की पूरी तैयारी कर ली. वहीं डॉक्टरों को भी गंभीर मरीज के भर्ती होने और उसका ऑपरेशन किए जाने की जानकारी दी गई. वहीं डॉक्टर भी सूचना के तुरंत बाद ही अस्पताल के लिए निकल पड़ और थोड़ी देर में अस्पताल पहूंच गए.
30 से 40 मिनट में ऑपरेशन की तैयारी
ड्यूटी डॉक्टर द्वारा तुरंत ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ एवं निश्चेतना विशेषज्ञ को कॉल कर अस्पताल आने हेतु कहा गया. साथ ही ऑपरेशन थिएटर को चालू करवाकर अस्पताल में खून की उपलब्धता देखी गई. लगभग 30 से 40 मिनट में स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, निश्चेतना विशेषज्ञ, ओटी इंचार्ज ने अस्पताल पहुंचकर ऑपरेशन की तैयारियां पूरी की. सी-सेक्शन की सभी तैयारियों पूरी होने के बाद सीएमएचओ टीम ने मॉकड्रिल का खुलासा किया गया.
गंभीर केस की स्थिति में समय की जांच
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि अस्पताल में गंभीर केस के पहुंचने पर कम से कम समय में इलाज देकर जोखिम की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सकता है। इसे देखने के लिए अस्पताल में मॉकड्रिल की गई है. ड्यूटी रोस्टर के सख्ती से पालन करने, रिस्पॉन्स टाइम को मिनिमम करने, ऑन कॉल डॉक्टर्स के अल्टरनेट फोन नंबर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
