जबलपुर: शराब के नशे में धुत दो भाइयों ने नोडल पॉइंट पर तैनात डायल 112 के स्टाफ के साथ जमकर विवाद किया। आरोपियों ने न पुलिस कर्मियों के सार्थ अभद्रता कर दीं, बल्कि धमकाते हुए पुलिस की गाड़ी को आग के हवाले करने की धमकी भी दे डाली। बेलखेड़ा पुलिस ने अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक बेलखेड़ा थाने में पदस्थ आरक्षक नितिन साहू की ड्यूटी रात 9 बजे की शिफ्ट में डायल 112 पर लगाई गई थी। देर रात पुलिस की गाड़ी नोडल प्वाइंट मेरेगांव स्थित सरदार ढाबा के बाहर खड़ी हुई थी। इसी दौरान इलाके के ही आदित्य राजपूत पिता राजबहादुर सिंह नशे की हालत में पुलिस वाहन के पास पहुंचे। आदित्य ने गाड़ी के पास आते ही आरक्षक नितिन साहू पर चिल्लाना शुरू कर दिया।
उसने आरोप लगाया कि, अभी मेरे टपरे के पास कौन सी 112 गाड़ी आई थी, जिसने मेरे भाई आजाद राजपूत को गाली दी और हाईवे की रेलिंग उखाड़ी। इस पर आरक्षक नितिन ने जवाब दिया कि उसकी ड्यूटी रात 9 बजे से शुरू हुई है और इस दौरान उसकी गाड़ी टपरे की तरफ नहीं गई। पुलिसकर्मी ने समझाने के लिए उसके छोटे भाई आजाद को मौके पर बुलाने को कहा ताकि गलतफहमी दूर हो सके।
हाथ में उठाया डंडा आरक्षक को मारने दौड़ा, बचाने पहुंचे पुलिस कर्मियों से अभद्रता कुछ ही देर में आदित्य का छोटा भाई आजाद राजपूत भी वहां पहुंच गया। वह भी बुरी तरह शराब के नशे में था और उसके बाएं गाल पर खरोंच के निशान थे। आते ही आजाद ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी। जब पुलिस ने कड़ाई से बात की तो तैश में आकर आजाद ने जमीन से एक भारी डंडा उठा लिया और आरक्षक नितिन को मारने दौड़ा।
उसने चिल्लाते हुए धमकी दी, तुम लोग मुझे जानते नहीं हो, मैं तुम्हारी डायल 112 को यहीं जला दूंगा। हंगामे की आवाज सुनकर पास के सरदार ढाबे पर खाना खा रहे प्रधान आरक्षक कैलाश पटैल, आरक्षक अक्षय और आरक्षक अमित तुरंत दौडक़र मौके पर पहुंचे। आरोपियों ने बीच-बचाव करने आए पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता कर डाली।
