
उज्जैन। उज्जैन के प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर के गर्भगृह में भी चांदी लगा दी गई है। यह कार्य उज्जैन के ही रहने वाले दानदाता ने गुप्त रूप से कराया है। 41 किलो चांदी लगने के बाद चिंतामन गणेश का दरबार भी अब चांदी से चमचमा उठा है।
मंदिर प्रबंध समिति के प्रबंधक लखन तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया उक्त दानदाता ने करीब 10 दिनों में यह कार्य करावाया। उन्होंने अपना नाम सार्वजनिक नहीं करने का अनुरोध किया है। इसलिए नाम समिति ने गुप्त रखा है। मंदिर में करीब 41 किलो चांदी लगाई गई है। जिसका बाजार मूल्य करीब 95 लाख रुपए बताया जा रहा है। इसे लगवाने व डीजाइन में अलग खर्च आया है। उक्त चांदी दीवारों पर लगने के बाद पूरा गर्भगृह चमक रहा है।
मंदिर में देशभर से आते हैं हजारों श्रद्धालु
चिंतामन गणेश जी का मंदिर उज्जैन से करीब 6 किलो मीटर दूर ग्राम जवासिया में स्थित है। यह अति प्राचीन और आस्था का प्रमुख केंद्र होने से यहां देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए आते हैं। चिंतामन गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी गणेश गुरु ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश के तीन स्वरूपों चिंतामण, इच्छामन और सिद्धिविनायक के दर्शन होते हैं। मान्यता अनुसार चिंतामण भक्तों की चिंता का निवारण करते हैं, इच्छामन मनोकाम और सिद्धिविनायक सफलता व सिद्धि देने वाले हैं।ये प्रतिमाएं स्वयंभू है। गर्भगृह में चांदी के इस भव्य कार्य से मंदिर की धार्मिक और स्थापत्य सुंदरता में एक नया आकर्षण जुड़ गया है। बता दें कि चिंतामण गणेश की जत्रा के दौरान यहां पर मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु यहां पर चढ़ावा चढ़ाने के साथ ही दर्शन लाभ भी लेते हैं।
