
नयी दिल्ली, 03 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि देश की चुनावी लोकतांत्रिक व्यवस्था मोदी-शाह सरकार के दौर में गंभीर खतरे का सामना कर रही है। श्री वेणुगोपाल ने शुक्रवार को कहा कि 28 जून को 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने देश के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित खामियों, चुनाव आयोग की पक्षपातपूर्ण भूमिका तथा चुनाव से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना न्यायपालिका की संवैधानिक जिम्मेदारी है, विशेषकर तब जब कार्यपालिका पर संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने के आरोप लग रहे हों। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय पर यह महत्वपूर्ण दायित्व है कि वह सुनिश्चित करे कि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव हों तथा जनता का चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल बने रहते हैं तो देश के 140 करोड़ मतदाताओं के साथ न्याय नहीं हो पाएगा। इसलिए शीर्ष अदालत का समय पर हस्तक्षेप लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस महासचिव ने बताया कि पारदर्शिता के हित में विपक्षी दलों द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया पत्र सार्वजनिक किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीर्ष अदालत चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता, जवाबदेही और जनता के विश्वास को बहाल करने के लिए आवश्यक और प्रभावी कदम उठाएगा।
