भोपाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ को समर्पित विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। यह घड़ी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ यादव द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अप्रैल 2026 में भेंट की गई थी, जिसके बाद इसे मंदिर परिसर में स्थापित किया गया।उज्जैन में स्थापित इस वैदिक घड़ी की अवधारणा भारतीय कालगणना को पुनर्जीवित करने से जुड़ी है। यह घड़ी सूर्योदय आधारित प्रणाली पर काम करती है और स्थान विशेष के अनुसार समय प्रदर्शित करती है। इसमें वैदिक समय, भारतीय मानक समय, पंचांग, विक्रम संवत, ग्रह-नक्षत्र स्थिति, मुहूर्त, योग और करण जैसी विस्तृत जानकारियां उपलब्ध होती हैं।
घड़ी को भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय का प्रतीक बताया जा रहा है। यह एक दिन को 30 मुहूर्तों में विभाजित कर समय की गणना करती है, जिससे सूर्योदय से सूर्यास्त और पुनः अगले सूर्योदय तक का सटीक वैदिक समय ज्ञात होता है।संस्कृति विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारत की प्राचीन समय-गणना प्रणाली को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार की योजना है कि वाराणसी के बाद अन्य ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी इस वैदिक घड़ी की स्थापना की जाए।विक्रमादित्य वैदिक घड़ी न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी बन रही है।
