नई दिल्ली, केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेरिस में आयोजित ‘भारत-फ्रांस बिजनेस राउंडटेबल’ को संबोधित करते हुए फ्रांसीसी निवेशकों को भारत के विकास पथ में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों राष्ट्र साझा समृद्धि और वैश्विक स्थिरता के लिए मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
स्वास्थ्य और हरित ऊर्जा में निवेश के अवसर
वित्त मंत्री ने विशेष रूप से हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्रों में अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि भारत का स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन मिशन, जिसमें हरित हाइड्रोजन और 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य शामिल है, फ्रांसीसी निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक है। उन्होंने नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के माध्यम से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी ट्रांजिशन जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश के व्यापक अवसर भी साझा किए।
डिजिटल क्रांति और व्यापारिक सुगमता
सीतारमण ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे [Aadhaar Redacted], यूपीआई (UPI) और डिजिलॉकर की अभूतपूर्व सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने गर्व से बताया कि दुनिया का लगभग 50 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान भारत में होता है। वर्तमान में भारत में 1,000 से अधिक फ्रांसीसी कंपनियां सक्रिय हैं, जिन्हें सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत निरंतर सहयोग दे रही है। उन्होंने एआई (AI) और आधुनिक तकनीकों में भी भारत को फ्रांस का एक भरोसेमंद भागीदार बताया।

