
आष्टा/ जावर। जावर से कजलास की ओर जा रही निजी यात्री बस क्रमांक एमपी 70 जेडसी 0531 कजलास के समीप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बिजली के खंभे से टकराते हुए पलट गई. हादसा पाटीदार पेट्रोल पंप एवं बिजली ग्रिड के पास हुआ, जहां समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लेने से एक और बड़ी दुर्घटना टल गई. दुर्घटना में लगभग 25 यात्री घायल हुए, जिनमें दो महिलाओं को गंभीर चोटें आने पर सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस पगारिया-आष्टा मार्ग से होकर पीपलरावा की ओर जा रही थी. कजलास के पास अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे बस बिजली के खंभे से टकराकर पलट गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी. आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तत्काल सहायता के लिए दौड़े तथा बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का कार्य शुरू किया.
गंभीर घायल संजू पति अर्जुन सिंह निवासी खूंटखेड़ा तथा उर्मिला पति कैलाशनाथ को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया. अन्य घायल यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जिनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावर में जारी है.
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ मौके पर पहुंच गया. तहसीलदार जावर ओमप्रकाश चोरमा ने तत्काल घटनास्थल पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली. थाना स्टाफ भी मौके पर पहुंचा और यातायात व्यवस्था संभालने के साथ-साथ घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस एवं चिकित्सा स्टाफ को मौके पर भेजा. डॉक्टरों और कर्मचारियों ने घायलों का प्राथमिक उपचार कर गंभीर मरीजों को तत्काल रेफर किया. तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना तथा उपचार व्यवस्था का लगातार जायजा लिया. इस हादसे के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी मानवता का परिचय दिया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे तथा घायलों की सहायता, अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्य में प्रशासन का सहयोग किया. स्थानीय लोगों की तत्परता और प्रशासन की सक्रियता के कारण राहत एवं बचाव कार्य तेजी से पूरा किया जा सका. गौरतलब है कि हाइवे पर आए दिन तेज रफ्तार के कारण सड़क हादसे होते हैं. कई लोग इन हादसों में काल कलवित हो चुके हैं.
