
छिन्दवाड़ा, कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने आगामी मानसून को दृष्टिगत रखते हुए संभावित अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में प्रभावी ढंग से प्रबंधन के लिए संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों और सभी एसडीएम की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में कलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने लोक निर्माण विभाग एवं सड़क संबंधी विभागों को जिले के पुल, पुलियों एवं रपटों का निरीक्षण कर तेज बहाव और ओवर फ्लो की स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था के समुचित इंतजाम अभी से करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों पर ड्रॉप गेट, चेतावनी बोर्ड लगाने और नामजद कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के लिए एसडीएम, तहसीलदारों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि की स्थिति में जलभराव वाले क्षेत्रों एवं रपटों पर आवागमन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा संकेतक एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को फील्ड में सक्रिय रहकर निगरानी रखने और हर घटना की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए।
दामिनी ऐप की ग्रामीणों को दे जानकारी ००००
कलेक्टर श्री नारायन ने बताया कि मोबाइल ऐप दामिनी समय पूर्व बिजली गिरने की जानकारी दे देता है। बिजली संभावित क्षेत्रों यथा अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया और जुन्नारदेव में इस ऐप के उपयोग के प्रति सभी ग्रामीणों को जागरूक करें। इससे कई लोगों की जाने बचाई जा सकती हैं। सभी कोटवारों को भी यह ऐप अनिवार्य रूप से डाउनलोड करवाएं, ताकि क्षेत्र में बिजली गिरनी को चेतावनी मिलने पर वे तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों को दे सकें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता, एंटी वेनम की उपलब्धता चिकित्सा दलों की तैयारी तथा जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए। जिला आपूर्ति अधिकारी वर्षाकाल में पहुंच विहीन ग्रामों में खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित कराएं।
यह भी दिए निर्देश
कलेक्टर ने विद्युत मंडल को अपनी टीमें तैनात करने, पशुपालन विभाग को वर्षाकाल के दौरान पशुओं के मुख्य मार्गों में आने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए समुचित प्रबंधन करने, वन विभाग को झरनों और घाटों की सभी 11 साइट पर सुरक्षा के लिए टीमें तैनात करने और संपर्क व्यक्तियों की सूची साझा करने, नगरीय निकायों को नालों की सफाई कार्य शीघ्र पूर्ण करने और कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रखने आदि के निर्देश दिए। बैठक में बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
