
भानपुरा। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भानपुरा नगर में परंपरागत रूप से महाकाल भोलेनाथ की भव्य शाही सवारी निकाली गई। यह धार्मिक आयोजन नगर में भक्तिभाव और उल्लास के साथ संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
शाही सवारी की शुरुआत नंदी वाली बावड़ी से हुई, जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः वहीं पर सम्पन्न हुई, जहाँ महाआरती का आयोजन किया गया। ढोल-नगाड़ों और घोड़े-बाजों के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे नगर को शिवमय बना दिया।
नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर एवं आरती उतारकर महाकाल का स्वागत किया। सवारी में सम्मिलित श्रद्धालु परंपरागत वेशभूषा में नजर आए — पुरुष श्रद्धालु सफेद कुर्ता-पायजामा में एवं माताएं-बहनें लाल चुनरी की साड़ी में महाकाल की आराधना करती हुईं नगर भ्रमण में सम्मिलित रहीं।
शाही सवारी में भगवान भोलेनाथ की मनोहारी झांकी, पालकी में विराजमान महाकाल की प्रतिमा, भगवा ध्वज, घोड़े और बाजे की गूंज ने धार्मिक वातावरण को और अधिक पावन बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि भानपुरा की सांस्कृतिक परंपरा का भी अभिन्न हिस्सा है।
