
दमोह.जिले में फैले अतिक्रमणों के विरुद्ध बुधवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए नगर के सीताबावड़ी शमशान घाट की जमीन का सीमांकन किया.इस दौरान कई एकड़ शासकीय जमीन पर लोगों के अवैध कब्जे पाए गए जिसपर अतिक्रमणकारियों द्वारा इन बाड़ आदि लगाकर खेती का कार्य किया जा रहा था. मौके पर पहुंचे राजस्व अमले ने पुलिस और आमजन की मौजूदगी में उक्त कार्रवाई करते हुए समस्त क्षेत्र का सीमांकन किया और सीमांकन रेखा पर जेसीबी की मशीन से खुदाई कराई गई है. शासन द्वारा सीमांकन के दौरान अतिक्रमण की जद में पाई गई जमीन की अनुमानित कीमत करोड़ों में है जिस पर लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया था, लेकिन अब इसे अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया जा रहा है.
*समिति ने दर्ज कराई थी शिकायत*
उल्लेखनीय है कि सीताबावड़ी श्मशान घाट में लगातार हो रहे अतिक्रमण के चलते मुक्तिधाम समिति के सदस्यों के द्वारा एक सप्ताह पूर्व जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था और श्मशान घाट की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराए जाने की मांग की गई थी।कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व अमले ने कार्यवाही करते हुए इस अतिक्रमण मुक्त कराया है। बताया जा रहा है की राजस्व पत्रों में करीब 12 एकड़ भूमि सीता बाबरी श्मशान घाट के नाम पर दर्ज है जिसे पूर्णतया खाली कराकर भविष्य में शमशान घाट के साथ शासन की अन्य योजनाओं में उपयोग में लाया जाएगा। इस मामले में सीता बाबरी मुक्तिधाम समिति के सदस्य नित्या प्यासी ने बताया की समिति के द्वारा मुक्त भूमि को खाली कराकर यहां पर दीवार का निर्माण कराया जाएगा ताकि भविष्य में यह अतिक्रमण से सुरक्षित रह सके इसके साथ ही प्रशासन की योजनाओं का क्रियान्वयन भी इस भूमि पर होगा. कलेक्टर दमोह प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में कार्यवाही में तहसीलदार रॉबिन जैन, आरआई गौरीशंकर, तिलक सिंह यादव, हरिओम सोनी, गुड्डू मुकेश, पुलिस बल में आरक्षक जितेंद्र, आशीष और मुक्तिधाम समिति से कैलाश शैलार,समाज वरिष्ठ भगवान दास असाटी, जेपी असाटी, प्रताप रोहित, मोहनीश अहिरवार व अन्यं की उपस्थिति रही.
