श्रीनगर, (वार्ता) पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार माने जा रहे तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के खात्मे को लेकर किया गया अभियान खत्म हो गया है।
सुरक्षा सूत्रों ने मंगलवार को देर रात यह जानकारी दी। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकवादी कल श्रीनगर के पास दाचीगाम में मारे गए। उन्होंने कहा कि ‘महादेव’ कोडनाम वाला यह ऑपरेशन दो महीने तक चली खुफिया और सुरक्षा कोशिशों का नतीजा था।
ऑपरेशन की जानकारी रखने वाले सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, दाचीगाम में आतंकी मॉड्यूल की मौजूदगी की पुष्टि लगभग तीन हफ्ते पहले तकनीकी खुफिया जानकारी के जरिए हुयी थी। इसके बाद, सेना, विशेष बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की छोटी टीमों द्वारा एक सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध ऑपरेशन शुरू किया गया, जो तब से विशाल वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे।
मानव खुफिया एजेंसियों ने तीनों पाकिस्तानी आतंकवादियों के सटीक स्थान और उनके हथियारों के विवरण की जानकारी दी, जिसके कारण रविवार को यह सफलता हासिल हुयी।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी पूरी तरह से अचंभित रह गए और करीब पांच मिनट चली मुठभेड़ में तीनों मारे गए। हालाँकि, तलाशी अभियान कई घंटों तक चला।
मुठभेड़ के तुरंत बाद, सुरक्षा बलों ने मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान सुलेमान शाह के रूप में की, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले का कथित मास्टरमाइंड था, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति मारे गए थे। उन्होंने अन्य दो की पहचान का खुलासा करने से परहेज किया।
बाद में उन परिवारों ने भी पहचान की पुष्टि की जिनके रिश्तेदारों को हमलावरों को भोजन सहित रसद सहायता प्रदान करने के आरोप में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था।
मुठभेड़ स्थल से तीन राइफलें बरामद की गयी हैं, जिनमें एक अमेरिका निर्मित एम4 कार्बाइन और दो एके-47 शामिल है। इन्हें चंडीगढ़ की एक फोरेंसिक लैब भेजा गया, जहाँ बैलिस्टिक विश्लेषण से पुष्टि हुई कि कारतूस पहलगाम हमले में इस्तेमाल किए गए कारतूसों से मेल खाते हैं। फोरेंसिक साक्ष्यों से यह साबित हुआ कि पर्यटकों की हत्या के लिए उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। मारे गए अन्य दो आतंकवादियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुयी है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने संसद में कहा कि सुलेमान लश्कर-ए-तैयबा का ‘ए’ श्रेणी का कमांडर था, जो पहलगाम और गगनगीर में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल था। अफगानी और जिबरान भी लश्कर-ए-तैयबा के ‘ए’ श्रेणी के आतंकवादी थे, जिन्होंने बैसरन घाटी में निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी और इन तीनों आतंकवादियों को कल मार गिराया गया।
गृह मंत्री ने सदन और पूरे देश की ओर से सेना की चार पैरा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी।
