नई दिल्ली, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के छह बड़े एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस सूची में रेड बुल, स्टिंग, एड्रेनालाईन रश, मॉन्स्टर, कैम्पा एनर्जी (गोल्ड बूस्ट) और हेल एनर्जी शामिल हैं। रेगुलेटर का यह कदम भ्रामक विज्ञापनों और उत्पादों की गलत लेबलिंग के खिलाफ एक बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह होने से बचाया जा सके।
नियमों के उल्लंघन पर सवाल
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत ‘एनर्जी ड्रिंक’ नाम का कोई आधिकारिक मानक निर्धारित नहीं है, फिर भी कंपनियां इस शब्द का उपयोग कर रही हैं। नियामक ने पाया है कि ये ब्रांड्स खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन कर रहे हैं। इन ड्रिंक्स पर “दिमाग को ऊर्जा देने” या “फोकस बढ़ाने” जैसे दावे किए जाते हैं, जिन्हें FSSAI ने पूरी तरह भ्रामक और गैर-कानूनी करार दिया है।
पारदर्शिता के लिए सख्त निर्देश
रेगुलेटर ने यह भी साफ किया है कि फूड कैटेगरी सिस्टम केवल प्रशासनिक वर्गीकरण के लिए है, न कि मार्केटिंग या विज्ञापन के लिए। हाल के समय में बॉर्नविटा और ओआरएस (ORS) जैसे उत्पादों के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद, FSSAI की यह सख्ती स्पष्ट करती है कि खाद्य उत्पादों में पारदर्शिता अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनियों को अपने भ्रामक दावों को तुरंत सुधारने या हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

