भिवाड़ी (राजस्थान) | राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया। यहाँ स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में अचानक लगी भीषण आग ने वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत आग के गोले में तब्दील हो गई। प्रशासन ने अब तक 7 मजदूरों के जिंदा जलने की पुष्टि की है। एडीएम सुमिता मिश्रा के अनुसार, पुलिस गश्त के दौरान इस अग्निकांड का पता चला, जिसके बाद तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया, लेकिन केमिकल की मौजूदगी के कारण आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया था।
दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया, तो अंदर का नजारा देख अधिकारियों के होश उड़ गए। रेस्क्यू टीम को फैक्ट्री के भीतर मजदूरों के जले हुए कंकाल मिले, जिनकी शिनाख्त करना भी असंभव हो गया है। शवों को कंबलों में लपेटकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। फिलहाल 2 मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह और प्रशासनिक टीम इस बात की जांच कर रही है कि क्या फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायनों के रखरखाव और अग्निशमन के मानकों का पालन किया जा रहा था। भिवाड़ी एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्ट का सहारा लिया जा सकता है। यह घटना प्रशासन की निगरानी और औद्योगिक सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़ा करती है।

