मुंबई, (वार्ता) एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में शिवसेना के नेता सचिन अहीर बुधवार को यहाँ महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
यह चुनाव उस समय महज एक औपचारिकता रह गया, जब महा विकास अघाड़ी ने अपने उम्मीदवार जगन्नाथ अभ्यंकर का नाम वापस ले लिया। संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इससे पहले विपक्ष से उपसभापति को सर्वसम्मति से चुनने की विधायी परंपरा को बनाए रखने का आग्रह किया था, जिसके बाद विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व ने अपना नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया।
विधान परिषद के प्रमुख सदस्य सचिन अहीर चुनाव से ठीक एक दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) से अलग होकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए थे। उनके इस कदम को ठाकरे खेमे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी और वर्ली निर्वाचन क्षेत्र में एक प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे।
उनके निर्वाचन के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में श्री अहीर को इस नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। उच्च सदन में स्पष्ट बहुमत रखने वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने अहीर की उम्मीदवारी के लिए पहले ही अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दे दिया था।
पूर्व विधायक और अनुभवी नीति-निर्माता श्री अहीर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था।
