जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने सिवनी पुलिस लाईन में पदस्थ एएसआई भारती चौबे के निलंबन आदेश के प्रभाव और संचालन पर अंतरिम रोक लगा दी है। एकलपीठ ने यह राहत देते हुए निर्देशित किया है कि यदि याचिकाकर्ता 15 दिनों के भीतर वैधानिक अपील प्रस्तुत करती हैं तो सक्षम अपीलीय प्राधिकारी 45 दिनों के भीतर उसका निर्णय करेगा। तब तक निलंबन प्रभावी नहीं रहेगा।
दरअसल भारती चौबे पर आरोप है कि उन्होंने रक्षित केंद्र सिवनी में पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर एक पीडि़ता को शासकीय आवास बुलाया और विवाह कराने में मध्यस्थता कर सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजय शंकर रायजादा ने दलील दी कि नौ फरवरी 2026 के निलंबन के बाद निर्धारित अवधि में आरोपपत्र जारी नहीं किया गया, जिससे निलंबन की वैधता प्रभावित होती है। इसके समर्थन में सर्वोच्च न्यायालय के अजय कुमार चौधरी निर्णय का भी हवाला दिया गया। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने उक्त अंतरिम आदेश दिया।
