इराक में मीथेन गैस के संपर्क में आने से मरने वाले तुर्की सैनिकों की संख्या बढ़कर आठ हुई

अंकारा/दमिश्क, 07 जुलाई (वार्ता) उत्तरी इराक में स्थित एक गुफा में तलाशी एवं निकासी अभियान के दौरान मीथेन गैस के संपर्क में आने से बुरी तरह बीमार आज तीन और तुर्की सैनिकों की मौत के बाद मरने वाले सैनिकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। यह जानकारी तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को दी।

यह दुर्घटना रविवार को तुर्की के ऑपरेशन क्लॉ-लॉक क्षेत्र में हुई जहां तुर्की सेना 2022 में मारे गए एक प्रथम लेफ्टिनेंट के अवशेषों का पता लगाने की कोशिश में एक गुफा की तलाश कर रही थी । इसका उपयोग पहले प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) द्वारा किया जाता था।

मंत्रालय ने कहा कि अभियान के दौरान मीथेन गैस के संपर्क में आए 19 सैनिकों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिनमें से पांच की कल मौत हो गई थी और तीन सैनिकों की मौत आज हो गयी। इसे मिलाकर मरने वाले सैनिकाें की संख्या बढकर आठ हो गयी है।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘हम इस घटना में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर शहीदों के प्रति अपनी संवेदना एवं श्रद्धांजलि व्यक्त करते हैं। हम उनके शोक संतप्त परिवारों, तुर्की सशस्त्र बलों और अपने महान राष्ट्र के लिए धैर्य एवं शक्ति की कामना करते हैं। ’

उल्लेखनीय है कि तुर्की ने 2022 में देश की सीमा के समीप उत्तरी इराक के मेटिना, जैप और अवासिन-बसयान क्षेत्रों में पीकेके के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन क्लॉ-लॉक शुरू किया था। तुर्की, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने पीकेके को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है जो पिछले चार दशकों से अधिक समय से तुर्की सरकार के खिलाफ विद्रोह कर रहा है। हालांकि मई 2025 में इस समूह ने अपने सशस्त्र विद्रोह को समाप्त करने की घोषणा की थी।

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