
सिंगरौली । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर में आज बुधवार को म.प्र., छत्तीसगढ, झारखंड एवं उ.प्र. के सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधिकारियों की अंतरराज्यीय सीमावर्ती बैठक आयोजित हुई।
बैठक में चारों राज्यों की पुलिस ने सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, अंतरराज्यीय अपराध नियंत्रण और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साझा रणनीति तैयार की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को राज्य सीमाओं का लाभ उठाने का कोई अवसर नहीं दिया जाएगा और आपसी समन्वय को और अधिक मजबूत बनाते हुए संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बैठक में आगामी त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने, सक्रिय बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी नियमित रूप से साझा करने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की अंतरराज्यीय बैठके नियमित रूप से आयोजित कर संयुक्त कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक में सिंगरौली से सीएसपी विंध्यनगर उमेश प्रजापति, बैढ़न थाना प्रभारी अशोक सिंह परिहार तथा चौकी प्रभारी सासन संदीप नामदेव मौजूद रहे। वहीं छत्तीसगढ़ प्रांत से एसडीओपी रामावतार धु्रव, झारखंड से एसडीपीओ वंशीधरनगर सतेंद्र नारायण सिंह तथा सोनभद्र से थाना प्रभारी बभनी डीएन यादव सहित संबंधित पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
साइबर अपराध रोकने साझा संकल्प
बैठक में जंगल क्षेत्रों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और संवेदनशील सीमा बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने की रणनीति भी बनाई गई। साइबर अपराधों पर नियंत्रण को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस के सेफ क्लिक 2.0 अभियान की विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने फर्जी लिंक, ओटीपी, पासवर्ड, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी एवं अन्य ऑनलाइन अपराधों के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। साइबर अपराध की सूचना मिलने पर संबंधित राज्यों की पुलिस के बीच तत्काल समन्वय स्थापित कर पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी सहमति बनी।
सीमा पार अपराध पर रहेगी सख्त नजर
बैठक में मध्यप्रदेश के सिंगरौली, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज, झारखंड के गढ़वा तथा उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों, फरार एवं स्थायी वारंटियों, अवैध मादक पदार्थों, अवैध शराब, हथियारों की तस्करी तथा संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त चेकिंग, नियमित नाकाबंदी, रात्रि गश्त तथा संदिग्ध वाहनों की सघन निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।
