भोपाल: साइबर ठगों का नेटवर्क लगातार सक्रिय होता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में सामने आए 7 अलग-अलग साइबर फ्रॉड के मामलों में लोगों से 41 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई है। ठगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश, वर्क फ्रॉम होम, बिजली बिल बकाया, क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने, नौकरी दिलाने और संदिग्ध APK फाइल भेजकर लोगों को अपना शिकार बनाया।
सबसे बड़ा मामला जहांगीराबाद थाना क्षेत्र का है, जहां एक निजी बैंक कर्मचारी को क्रिप्टो निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 27.55 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं अयोध्या नगर में तीन अलग-अलग मामलों में APK फाइल, फर्जी क्रेडिट कार्ड अपडेट और फोन कॉल के जरिए लाखों रुपये की ठगी हुई। इसके अलावा छोला मंदिर में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 6.40 लाख रुपये, जबकि कोलार में बिजली बिल और नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए गए।
पुलिस ने सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है ताकि साइबर गिरोह तक पहुंचा जा सके।विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब पहले से अधिक हाईटेक तरीके अपना रहे हैं। वे फर्जी निवेश, ऑनलाइन जॉब, बैंक अधिकारी बनकर कॉल, बिजली बिल अपडेट और मोबाइल ऐप के जरिए लोगों का डेटा और बैंकिंग जानकारी चुराकर खाते खाली कर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल, QR कोड, निवेश योजना या नौकरी के ऑफर पर बिना पुष्टि भरोसा न करें। किसी के साथ OTP, UPI PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या National Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को रोका जा सके।
