वॉशिंगटन, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में जन्म के आधार पर नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) को सुरक्षित रखने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कड़े कार्यकारी आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसके तहत वे अस्थायी वीजा धारकों के बच्चों को नागरिकता देने से रोकना चाहते थे। शीर्ष अदालत ने 6-3 के बहुमत से स्पष्ट किया कि यह आदेश 14वें संविधान संशोधन का उल्लंघन है।
हजारों भारतीय परिवारों को मिली बड़ी राहत
यह फैसला विशेष रूप से H-1B, L-1 और अन्य अस्थायी वीजा पर रह रहे उन हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है, जो दशकों से ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अब अमेरिका में पैदा होने वाले उनके बच्चों को जन्मजात नागरिकता का अधिकार स्वतः प्राप्त होगा, जिससे भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता और कानूनी तनाव पूरी तरह खत्म हो गया है।
150 साल पुराने कानून की जीत
कोर्ट ने अपने फैसले में 1898 के ऐतिहासिक ‘वोंग किम आर्क’ मामले का हवाला देते हुए पुष्टि की कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाला हर बच्चा नागरिकता का हकदार है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि केवल विदेशी राजनयिकों को ही इस अधिकार से बाहर रखा जा सकता है। भारतीय समुदाय, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में अहम योगदान दे रहा है, इस फैसले से अब सुरक्षित और निश्चिंत महसूस कर रहा है।

