उज्जैन में इलेक्ट्रॉनिक बसों में टिकट कलेक्शन करेगी चलो कंपनी

उज्जैन: इंतजार की घड़ियां समाप्त हुई स्मार्ट सिटी अब ग्रीन सिटी बनने की और अग्रसर हो रही है, 15 अगस्त से सिटी बस का संचालन शुरू हो जाएगा, शुरुआती चरण में कम बसें चलेंगी, निर्माण कार्य विकास कार्य के चलते सड़के अभी तैयार नहीं हुई है ऐसे में सिंहस्थ में 100 बसें चलाई जाएगी उससे पहले टिकट कलेक्शन के लिए इंदौर की चलो कंपनी का ठेका तय हो गया है.
उज्जैन नगर निगम की लोक परिवहन कंपनी उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (यूसीटीएसएल) ने 100 इलेक्टि्रक बसों के संचालन के लिए मुंबई की ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) जारी कर दिया है. प्रस्ताव है कि 15 अगस्त से शहर की सड़कों पर इलेक्टि्रक एसी बसों का संचालन शुरू कर दिया जाए.

5 एकड़ पर चार्जिंग स्टेशन
प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत शुरू हो रही इस परियोजना से शहर को प्रदूषण रहित, आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा. केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. बस डिपो के निर्माण पर 12.15 करोड़ रुपये तथा चार्जिंग अधोसंरचना पर 8.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसके अलावा पांच एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है.

58 रूपये में दिया ठेका
ग्रीनसेल मोबिलिटी 58.14 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से बसों का संचालन करेगी. बसों का संचालन, ड्राइवर और रखरखाव कंपनी की जिम्मेदारी होगी, जबकि कंडक्टर यूसीटीएसएल उपलब्ध कराएगा. यात्रियों से मिलने वाला किराया और बसों पर विज्ञापन से होने वाली आय पूरी तरह यूसीटीएसएल के पास रहेगी. किराया संग्रहण के लिए अलग एजेंसी को नियुक्त कर दिया है जिसका नाम ‘चलो’ प्राइवेट लिमिटेड है. यह यात्रियों के मासिक पास भी बनाएगी.

12 मीटर लंबी,44 यात्री बैठेंगे
परियोजना के तहत प्रत्येक 12 मीटर लंबी बस में 44 यात्री आराम से सफर कर सकेंगे. बस ऑपरेटर को बस खरीदने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी और वायबिलिटी गैप फंड का लाभ मिलेगा, जिससे नगर निगम पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा. ऑपरेटर को 72 लाख रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी भी यूसीटीएसएल के खाते में जमा करानी होगी.

200 लोगों का रहेगा स्टाफ
प्रारंभिक चरण में बसों का संचालन शहर के प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा. इनमें देवासगेट-मक्सी रोड, जयसिंहपुरा-आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज, हक्कानीपुरा-अभिलाषा कॉलोनी सहित अन्य प्रमुख रूट शामिल हैं. विशेष 15 अगस्त में सिटी बसें में बैठकर चलो रूप से 12 इलेक्टि्रक बसें उज्जैन दर्शन सेवा के लिए आरक्षित रहेंगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को धार्मिक स्थलों तक सुविधाजनक परिवहन मिल सकेगा. इसके लिए स्टाफ की भर्ती भी की जा रही है प्रथम चरण में डेढ़ सौ और फिर 200 का स्टाफ रहेगा.

2018 से चल रही योजना
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा का कहना है कि वर्ष 2018 से लंबित इलेक्टि्रक बस परियोजना अब एक बार फिर धरातल पर उतर रही है. यह केवल सार्वजनिक परिवहन की नई व्यवस्था नहीं, बल्कि उज्जैन को पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक शहरी परिवहन और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. जो की सिंहस्थ में भी साधु संत और श्रद्धालुओं के लिए कारगर साबित होगी.

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