नागोया (जापान), एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। मंगलवार को भारत ने शानदार शुरुआत करते हुए गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी कर ली है। निशानेबाजी (शूटिंग) प्रतियोगिता की ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भारत की अनुभवी खिलाड़ी नीरू ढांडा और काइनन चेनाई की जोड़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने 34 का शानदार स्कोर बनाकर कतर और चीन के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। नीरू ढांडा का इस एशियन गेम्स में यह दूसरा गोल्ड और कुल तीसरा पदक है, जिससे देश भर में खुशी की लहर दौड़ गई है।
कंपाउंड तीरंदाजी में महिला टीम और मिक्स्ड जोड़ी ने गाड़े झंडे, कोरिया को हराकर ओलंपिक 2028 का कोटा किया पक्का
शूटिंग के अलावा तीरंदाजी के मैदान पर भी भारत का स्वर्णिंग परचम लहराया। महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम—जिसमें चिकिता तनिपार्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम शामिल थीं—ने फाइनल में मेजबान चीन को 238-234 से करारी शिकस्त देकर अपना स्वर्ण पदक सफलतापूर्वक बरकरार रखा। इस दौरान भारतीय महिला टीम ने 238 अंक बनाकर साल 2014 में दक्षिण कोरिया द्वारा बनाए गए वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। इसके तुरंत बाद साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय मिक्स्ड कंपाउंड टीम ने दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर देश के लिए एक और गोल्ड मेडल जीता और साथ ही ओलंपिक 2028 का बहुप्रतीक्षित कोटा भी हासिल कर लिया।
मुक्केबाजी में भारत ने पक्के किए छह पदक, प्रिया घंघास और नरेंद्र बरवाल ने देश के नाम किए कांस्य पदक
एशियन गेम्स के 11वें दिन शूटिंग और आर्चरी के गोल्ड मेडल्स के अलावा मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) रिंग से भी अच्छी खबरें सामने आई हैं। मुक्केबाजी प्रतियोगिताओं में भारत के खाते में दो कांस्य पदक जुड़े हैं। महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में प्रिया घंघास को चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, पुरुषों के 90 किग्रा से अधिक भार वर्ग में नरेंद्र बरवाल भी सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के प्रतिद्वंद्वी से हारकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम करने में सफल रहे। इसके साथ ही भारत ने इस बार बॉक्सिंग में कुल छह मेडल पक्का कर पिछले हांगझोऊ संस्करण के पांच पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

