जबलपुर: आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर (ईओडब्ल्यू) के शिकंजे में फंसे नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलेराव पिता संन्यासी बारौआ की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। काली कमाई का आंकड़ा तीन करोड़ पहुंच चुका है। जांच टीम द्वारा करोड़पति अधिकारी की चल-अचल संपत्तियों की भी सघन जांच पड़ताल कर रही है। इसी बीच जांच एजेंसी को एक बड़ा सुराग हाथ लगा है, जिससे इस भ्रष्टाचार के तार नगर निगम के सफाई ठेकों से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान टीम को जानकारी मिली है कि पोलेराव की नगर निगम में सफाई का ठेका लेने वाली विभिन्न कामगार समितियों में भी हिस्सेदारी थी। अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चहेती समितियों को न सिर्फ ठेके दिलवाए, बल्कि उनमें मोटी रकम का निवेश कर अवैध कमाई की है। जिसके बाद जांच एजेंसी ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। फिलहाल जांच एजेंसी हर पहलू को बारीकी से जोड़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
विदित हो कि आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को नगर निगम के प्रभारी सहायक स्वास्थ्य अधिकारी पोलेराव पिता संन्यासी निवासी आदि प्लाजा के पीछे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच के बाद मंगवलवार को सुबह 6 बजे तीन अलग-अलग टीमों ने पोलेराव के जेडीए स्कीम-11 स्थित आलीशान निवास और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की थी । इस दौरान 2 करोड़ 82 लाख रुपये से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ था। ईओडब्ल्यू ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
काली कमाई का आंकड़ा तीन करोड़ तक पहुंच गया है। दस्तावेजों की स्क्रूटनी और लॉकर की जांच अभी भी जारी है। पूरी छानबीन और दस्तावेजों के मिलान के बाद आय से अधिक संपत्ति का यह आंकड़ा कई गुना और बढऩे की उम्मीद है। अब तक की जांच में घर से 1,19,18,000 रूपए नकद लेनदेन के दस्तावेज, 45 लाख का फ्लैट, 65 लाख के कीमती भूखंड के कागजात मिले हैं। घर से 22.50 लाख कीमत का 150 ग्राम सोना और 3 लाख मूल्य की चांदी मिली है।
इसके अलावा, बैंक लॉकर्स में 450 ग्राम अतिरिक्त सोना होने की पुख्ता आशंका है। परिसर से एक लग्जरी फोर-व्हीलर कीमत 8.50 लाख और तीन टू-व्हीलर कीमत 6.20 लाख बरामद हुई है। पोलेराव और उनके परिजनों के नाम पर 6 बैंक खाते मिले हैं, जिनमें 10 लाख जमा हैं। साथ ही 10 लाख की भारी-भरकम बीमा पॉलिसियों में निवेश के कागजात मिले हैं। घर के अंदर 16 लाख से अधिक मूल्य के महंगे और लग्जरी सामान मिले। आरोपी के आवास से मिले दस्तावेज, आभूषण, बैंक खातों, नगदी राशि आदि से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद और अधिक संपत्ति मिलने की संभवना है।
