नागोया (जापान), जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश का नाम रोशन कर दिया है। महिला आर्चरी (तीरंदाजी) टीम ने खिताबी मुकाबले में मेजबान चीन को 238-234 के अंतर से करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। इस शानदार जीत के साथ ही भारतीय महिला तिकड़ी—चिकिता तनिपार्थी, प्रितिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम—ने साल 2014 में दक्षिण कोरिया द्वारा बनाए गए 238 अंकों के वर्ल्ड रिकॉर्ड की सफलतापूर्वक बराबरी कर ली है, जिससे पूरे देश में जश्न का माहौल है।
मिक्स्ड टीम इवेंट में भी साहिल और चिकिता ने गाड़े झंडे, भारत के पदकों की कुल संख्या बढ़कर पहुंची 57
महिला टीम की इस ऐतिहासिक सफलता के तुरंत बाद, कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत ने सोने पर कब्जा जमा लिया। साहिल राजेश जाधव और चिकिता तनिपार्थी की जोड़ी ने रोमांचक शूट-ऑफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। इस तरह से इस एशियन गेम्स में चिकिता तनिपार्थी और नीरू ढांडा जैसी महिला खिलाड़ियों ने दो-दो गोल्ड मेडल अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। इन लगातार शानदार प्रदर्शनों की बदौलत एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की कुल संख्या अब बढ़कर 57 हो गई है, जिसमें 9 गोल्ड, 21 सिल्वर और 28 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
एशियन गेम्स की पदक तालिका में भारत की स्थिति हुई मजबूत, खेल प्रेमियों में खुशी की लहर
आइसी-नागोया एशियन गेम्स के इस 12वें दिन आए इन स्वर्ण पदकों से भारतीय दल का मनोबल काफी ऊंचा हो गया है। पदक तालिका में भारत अब शीर्ष देशों के करीब अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर चुका है। शूटिंग और तीरंदाजी के अलावा पुरुष कबड्डी और अन्य स्पर्धाओं में भी भारतीय एथलीट लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। खेल प्रेमियों की निगाहें अब आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं, और उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय खिलाड़ी आने वाले दिनों में देश के लिए और भी कई पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में नया अध्याय जोड़ेंगे।

