बैंकॉक, 30 जून (वार्ता) भारत और थाईलैंड ने मंगलवार को अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने, संपर्क पहलों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। थाईलैंड में भारत के राजदूत पुनीत अग्रवाल ने बैंकॉक में थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासाक पुआंगकेतकेव के साथ बैठक की, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की तथा आर्थिक सहयोग को गहरा करने पर विचार-विमर्श किया।
दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया, “चर्चा का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को संतुलित तरीके से बढ़ाकर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था। इसके साथ ही धार्मिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव, संपर्क पहलों तथा क्षेत्रीय मुद्दों पर बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने पर भी बातचीत हुई।”
भारत और थाईलैंड ने पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बैंकॉक यात्रा के दौरान अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचाया था।
दोनों देश व्यापार, रक्षा, कनेक्टिविटी, पर्यटन, शिक्षा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बनाये हुए हैं। दूतावास ने कहा कि थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति की पूरक है। हाल ही में, 16 जून को बैंकॉक में 10वीं थाईलैंड-भारत रक्षा वार्ता आयोजित की गयी थी, ताकि द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के सभी पहलुओं की समीक्षा की जा सके और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके। इस वार्ता की सह-अध्यक्षता थाईलैंड के रक्षा उप स्थायी सचिव एडमिरल नट्टापोल दियोवानिच और भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती ने की थी।

