वियना, 29 अप्रैल (वार्ता) अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफाएल ग्रोसी ने कहा
है कि ईरान का अधिकांश उच्च समृद्ध यूरेनियम संभवतः अब भी इस्फाहन परमाणु प्रौद्योगिकी केन्द्र में मौजूद है, जहां पिछले वर्ष अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से बड़ी मात्रा में परमाणु सामग्री भूमिगत संरचनाओं में दबी होने की आशंका है।
श्री ग्रॉसी के अनुसार आईएईए को उपग्रह चित्रों के माध्यम से हालिया संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों के प्रभाव संबंधी जानकारी मिल रही है, लेकिन एजेंसी को प्रत्यक्ष निरीक्षण की अनुमति नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि जून 2025 में संघर्ष शुरू होने से पहले इस्फहान परिसर में ईरान के उच्च समृद्ध यूरेनियम का बड़ा हिस्सा संग्रहीत था। एजेंसी का मानना है कि युद्ध के दौरान यह सामग्री सुरंगनुमा संरचनाओं में स्थानांतरित की गयी और संभवतः अब भी वहीं है।
उपग्रह चित्रों में नौ जून 2025 को 18 नीले कंटेनरों से लदे एक ट्रक को इस्फहान परमाणु केंद्र की सुरंग में प्रवेश करते देखा गया था। रिपोर्टों के अनुसार इन कंटेनरों में उच्च समृद्ध यूरेनियम होने की आशंका जतायी गयी थी। आईएईए ने यह भी कहा कि वह नतांज़ परमाणु इकाई और फोर्दो परमाणु संवर्धन संयंत्र सहित अन्य प्रमुख स्थलों का भी निरीक्षण करना चाहता है, क्योंकि वहां भी परमाणु सामग्री होने की संभावना है।
श्री ग्रॉसी ने संकेत दिया कि ईरान द्वारा निरीक्षण पहुंच सीमित किए जाने से एजेंसी की स्वतंत्र पुष्टि क्षमता प्रभावित हुई है।
उपलब्ध आकलनों के अनुसार ईरान ने यूरेनियम संवर्धन स्तर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंचाया है, जो हथियार-ग्रेड 90 प्रतिशत से नीचे है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह स्तर गंभीर रणनीतिक चिंता का विषय बना हुआ है।
