नयी दिल्ली, 30 जून (वार्ता) सरकार ने जीएसटी अपीलीय पोर्टल पर अपीलें दर्ज करवाने की भरमार से उत्पन्न दवाब को हल्का करने के लिए वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय ट्रिब्यूनल (जीएसटीएटी) के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि अगले माह की 31 तारीख तक बढ़ा दी है। इससे पहले, 17 सितंबर 2025 को जारी एक सरकारी अधिसूचना के माध्यम से केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम की धारा 112(1) के साथ धारा 112(3) को जोड़कर उनके अंतर्गत जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गयी थी।
वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि विभिन्न हितधारकों से हाल में प्राप्त सुझावों और अभ्यावेदनों को ध्यान में रखते हुए अंतिम तिथि बढ़ायी गयी है। जीएसटीएटी पोर्टल पर अंतिम दिन अपील दाखिल करने की होड़ के कारण कठिनाइयां हो रही थी जिसे देखते हुए इसकी तारीख बढ़ाई गयी है।
सरकार ने कहा है कि उसने अपील के लिए 30 जून की अंतिम तिथि सितंबर 2025 में ही अधिसूचित कर दी थी। उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिन में ही 30,000 अपीलें दाखिल की गईं और हाल के दिनों में अपील दर्ज कराने का औसत प्रतिदिन 5,500 तक पहुंच गया।
सरकार ने करदाताओं से अपील दाखिल करने की योजना काफी पहले से बनाने की अपील की है जिससे अंतिम तिथि तक प्रतीक्षा न करनी पड़े। सीजीएसटी की धारा 112(1) के तहत यदि कोई भी व्यक्ति (करदाता) प्रथम अपीलीय प्राधिकारी या पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश को गलत मानता है, तो वह जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर कर सकता है। प्रथम पुनरीक्षा आदेश की सूचना मिलने की तारीख से तीन महीने तक है। इसी तरह धारा 112(3) के तहत विभागीय अधिकारियों को अपील में जाने का अधिकार है। जीएसटी आयुक्त प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेश की वैधता अथवा औचित्य की जांच कर सकते हैं और यदि उन्हें लगता है कि आदेश राजस्व के हित में सही नहीं है, तो वे विभागीय अधिकारियों को जीएसटी अपीलीय प्राधीकरण के समक्ष आवेदन (अपील) दाखिल करने का निर्देश दे सकते हैं।
इसके लिए छह माह की समय सीमा रखी गयी है।
जब धारा 112(1) और 112(3) एक साथ लागू होती हैं, तो इसका मुख्य संदर्भ समय-सीमा के विस्तार से जुड़ा होता है। जुलाई 2017 में लागू जीएसटी के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन और संचालन में हुई देरी को देखते हुए सरकार ने एक विशेष सुविधि दी है जिसके तहत अब करदाता या अधिकारी 31 जुलाई 2026 तक न्यायाधिकरण के सामने अपील दायर कर सकते हैं। वस्तु एवं सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन 01सितंबर, 2023 से प्रभावी माना गया है। हालांकि, इसके लिए सदस्यों की नियुक्ति और प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देकर न्यायाधिकरण ने फरवरी 2026 से अपने पहले चरण का न्यायिक कामकाज (अधिनिर्णय संचालन) शुरू कर दिया है।

