
इंदौर. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने रविवार को इंदौर में संभागीय समीक्षा बैठक लेकर इंदौर संभाग के सभी जिलों की पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, माफिया विरोधी अभियान, महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम से निपटने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई. डीजीपी ने सभी अधिकारियों से कहा कि जनता को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित पुलिस प्रशासन मिले, इसके लिए सभी स्तरों पर सजगता और प्रतिबद्धता जरूरी है.
पलासिया स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में हुई इस बैठक में पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, आईजी इंदौर रेंज अनुराग, एडीसीपी अमित सिंह और मनोज श्रीवास्तव, डीआईजी निमिष अग्रवाल व सिद्धार्थ बहुगुणा, इंदौर ग्रामीण, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और बुरहानपुर जिलों के एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे. डीजीपी कैलाश मकवाना ने बैठक में कहा कि संभाग में पुलिसिंग को आधुनिक व प्रभावी बनाने की दिशा में किए गए नवाचारों के अच्छे परिणाम सामने आए हैं. पुलिस की तत्परता और मेहनत से अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में प्रभावी कार्य हुआ है. उन्होंने कहा कि नशे और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ सामुदायिक सहभागिता भी जरूरी है। इसके लिए चलाए जा रहे जनजागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने विशेष रूप से महिला अपराधों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई, माफियाओं व संगठित अपराधियों पर लगातार दबाव बनाए रखने और पुलिस के व्यवहार को जनता के प्रति संवेदनशील बनाने पर जोर दिया. इस दौरान डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समयबद्ध रूप से निराकरण करें. बैठक के समापन पर डीजीपी ने सभी जिलों की पुलिस कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करते हुए पुलिस को ऐसा वातावरण देना है, जहां जनता को विश्वास और सुरक्षा दोनों महसूस हो. पारदर्शी, स्वच्छ और जनहितैषी पुलिस प्रशासन के संकल्प के साथ निरंतर बेहतर कार्य किए जाएं.
