कार्य प्रारंभ होते ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विवाद भी सामने आ गया

सिंग्रामपुर/दमोह।जनपद पंचायत जबेरा अंतर्गत आदिवासी बहुल पहाड़ी क्षेत्र बोदा मानगढ़ के सुरेखा घाट पर वर्षों से लंबित सीसी सड़क निर्माण कार्य आखिरकार शुरू हो गया है करीब 60 लाख 59 हजार रुपये की लागत से बनने वाली लगभग 500 मीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य मां चंडी कंस्ट्रक्शन, बटियागढ़ द्वारा कराया जा रहा है. सड़क निर्माण शुरू होने से सुरेखा, देवतरा, झादा सहित आसपास के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, लेकिन कार्य प्रारंभ होते ही निर्माण की गुणवत्ता को लेकर विवाद भी सामने आ गया है.

30 वर्षों से बदहाल था सुरेखा घाट मार्ग ग्रामीणों के अनुसार सुरेखा घाट मार्ग करीब 30 वर्ष पहले बनाया गया था। समय के साथ सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई थी। बड़े-बड़े गड्ढों, उखड़े पत्थरों और खतरनाक ढलानों के कारण लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो गया था। बरसात के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते थे, जिससे कई बार मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता था।खराब सड़क के कारण 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पाती थीं। बीमारों और गर्भवती महिलाओं को चारपाई या खाट के सहारे कई किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता था।

*ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप*

बुद्ध मानगढ़ के ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण सुरेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता की रेत और गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि जहां सड़क की मोटाई लगभग 11 इंच होनी चाहिए, वहां कई स्थानों पर केवल 4 से 6 इंच मोटाई में ही सीसी डाली जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के एक हिस्से में ढलान असंतुलित बनाई जा रही है तथा दूसरी ओर ताजा सीसी में दरारें दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया जा रहा है, सीसी सड़क की समुचित तराई (क्योरिंग) नहीं की जा रही तथा बिना उचित नाप-तौल और गुणवत्ता परीक्षण के सड़क का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीण राजू, विकास, उजियार, लक्ष्मण, धन सिंह, संजय सिंह सहित अन्य लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं किया गया तो वे सड़क निर्माण का विरोध करते हुए आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार तक पहुंच का प्रमुख माध्यम बनेगी। यदि निर्माण में लापरवाही बरती गई तो कुछ वर्षों में सड़क फिर खराब हो जाएगी और क्षेत्र के लोगों को दोबारा कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। नई सड़क बनने से सिंग्रामपुर, जबेरा और कटंगी जैसे प्रमुख बाजारों तक पहुंच आसान होगी, जिससे ग्रामीण अपने कृषि एवं वन उत्पाद बेहतर दामों पर बेच सकेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों का पक्ष मामले में एसडीओ शिवाजी गोंड़ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उंन्होने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। वहीं एसडीएम तेंदूखेड़ा सी.जी. गोस्वामी ने बताया कि उन्हें इस संबंध में शिकायत की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य में घटिया सामग्री या गुणवत्ता में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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