ट्रेड डील का इंतज़ार पर मोदी-ट्रंप वार्ता रही सकारात्मक; मतभेद सुलझाने और समुद्री सुरक्षा पर बनी सहमति

एवियन। वैश्विक मंच पर भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय मुलाकात में दोनों देशों के बीच जारी व्यापारिक तनाव को कम करने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापारिक मतभेदों को दूर करने पर सहमति, लेकिन बड़े समझौते का इंतजार

बैठक के दौरान दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक और टैरिफ (शुल्क) से जुड़े विवादों पर खुलकर बात की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि इन आर्थिक मतभेदों का बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकाला जाए जो दोनों देशों के हित में हो।

हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित बैठक में किसी अंतिम या बड़े व्यापार समझौते (Trade Deal) पर मुहर नहीं लग सकी, लेकिन दोनों नेताओं ने इस दिशा में सकारात्मक रूप से काम जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि दोनों देश व्यापारिक समझौतों को अमलीजामा पहनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

पीएम मोदी ने उठाया भारतीय नाविकों की सुरक्षा का गंभीर मुद्दा

इस द्विपक्षीय बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में बढ़ रहे सुरक्षा खतरों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा बेहद प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को अक्षुण्ण रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि:

दुनिया भर के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी बाधा के चलाने के लिए सुरक्षित नौवहन (Safe Navigation) बेहद जरूरी है।

पश्चिम एशिया और वैश्विक स्थिरता पर चर्चा

व्यापार और सुरक्षा के अलावा, दोनों वैश्विक नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) के मौजूदा संवेदनशील हालातों और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी अपने विचार साझा किए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि वैश्विक शांति और आर्थिक प्रगति के लिए इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। दोनों देश आने वाले समय में इन भू-राजनीतिक चुनौतियों पर मिलकर काम करते रहेंगे।

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